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अच्छा पढना, लिखना, बोलना और सुनना ही उर्दू को बढावा देता है - गज़नफर अली

February 24, 2017

उर्दू भाषा की तरक्की एवं उर्दू शिक्षकोंं के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू
जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली की ‘अकडमी आॅफ प्रोफेशनल डेवलपमेन्ट आॅफ उर्दू मीडियम टीचर्स दिल्ली‘ के डायरेक्टर प्रोफेसर गज़नफर अली ने की अध्यक्शता

आप अपना कम्यूनिकेशन बेहतर करें। आप अच्छा सुनें, अच्छा बोले, अच्छा लिखें और अच्छा पढे। ये ही उर्दू जबान (भाषा) को बढावा देता है। आप अपने स्टूडेन्ट को अपनी तरह बना दें ताकि वो स्टूडेन्ट अपनी काबिलियत को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकें।

ये कहना है ‘जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली की‘ अकडमी आॅफ प्रोफेशनल डेवलपमेन्ट आॅफ उर्दू मीडियम टीचर्स दिल्ली के डायरेक्टर प्रोफेसर गज़नफर अली का। वे देश की तहज़ीब (संस्कृति) कही जाने वाली उर्दू जबान (भाषा) की बेहतरी, तरक्क़ी और उर्दू शिक्षकों के ज्ञानवर्धन के लिए ‘मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी एवं जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी दिल्ली की ‘अकडमी आॅफ प्रोफेशनल डेवलपमेन्ट आॅफ उर्दू मीडियम टीचर्स दिल्ली‘ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार से शुरू हुई पांच दिवसीय ‘उर्दू भाषा की तरक्की एवं उर्दू शिक्षकों की कार्यशाला‘ में बोल रहे थे।

गज़नफर अली ने कहा कि इस वर्कशाॅप के जरिये आपका उर्दू मीडियम बहुत मजबूत होगा। उर्दू लिखावट से लेकर उर्दू व्याकरण तक की बारिकियों को सिखाने के साथ आपको जो परेशानिया आ रही है उन्हें भी दूर किया जायेगा। उर्दू के क्षेत्र में जो नया डेवलपमेन्ट हुआ है उससे भी उर्दू शिक्षकों को रूबरू कराया जायेगा ताकि भारत सरकार की उर्दू जबान (भाषा) एवं साहित्य से जुड़ी योजनाओं का भी फायदा मिल सके।

‘ज़ामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली की‘ अकडमी आॅफ प्रोफेशनल डेवलपमेन्ट आॅफ उर्दू मीडियम टीचर्स दिल्ली के काॅआॅर्डिनेटर डाॅ. वाहिद नजीर ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि उर्दू एक ऐसी ज़ुबान है जो देश की मिट्टी में पैदा हुई और यहां की आबोहवा में पली बढी, तहज़ीब (संस्कृति) कहलाई, यह किसी तबके या कौम की नहीं बल्कि हिन्दुस्तान की ज़बान है, इसकी तरक्की में हर जाति और तबके के लोगों ने बराबर का हिस्सा लिया। उन्होने कार्यशाला के पांच दिनों की रूपरेखा बताई।

कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के उपायुक्त आरएएस मोहम्मद अनवर ने अपने सम्बोधन में उर्दू को करियर और सरकारी सेवा से जोड़ने की बात कही। इस मौके पर महिला पीजी काॅलेज के उर्दू व्याख्याता इश्राकुल इस्लाम माहिर एवं तहरीक ए उर्दू जिला समन्वयक अकमल नईम ने भी उर्दू के उत्थान विशय पर अपने विचार व्यक्त किये।

सोसायटी के महासचिव मेाहम्मद अतीक ने कहा कि कार्यशाला में 50 से अधिक विभिन्न सरकारी एवं गैरसरकारी स्कूलों के टीचर्स, उर्दू जानकार एवं उर्दू की समझ रखने वाले प्रतिभागियों को उर्दू सही पढाने व लिखाने के बारे में बारीकी से सिखाया जा रहा है।

कार्यशाला प्रभारी मौलाना शाहिद नदवी ने कहा कि उर्दू से जुड़े कई शिक्षकविदों व प्रबुद्धजनों ने भी वर्कशाॅप में शिर्कत की। यह कार्यशाला अट्ठाइस फरवरी तक प्रातः नौ से दोपहर दो बजे तक आयोजित की जायेगी। संचालन मौलाना शाहिद नदवी ने किया।