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सर्व धर्म के ज्ञान से युवा बनेंगे भविष्य के शान्तिदूत - डॉ. हारिस

March 25, 2017

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी नई दिल्ली के सहयोग से
‘सर्व धर्म सहअस्तित्व और सहिष्णुता’ विषयक
दो दिवसीय कार्यषाला में विभिन्न धर्म विशेषज्ञों ने दिया व्याख्यान

भारत जहां अपार आस्था, संस्कृति और रस्मो रिवाज के लोग एक साथ रहते हैं ऐसी विविधता दुनिया भर में कहीं भी देखने को नहीं मिलती। इसलिये दुनिया को एक साथ रहने का संदेश देने का अधिकार भारत देश ही रखता है।

ये कहना है, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी नई दिल्ली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. जुनेद हारिस का। वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सहयोग से मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर में शनिवार से आयोजित ‘सर्व धर्म सहअस्तित्व और सहिष्णुता’ विषयक दो दिवसीय कार्यषाला में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

डॉ. जुनेद ने आगे कहा कि स्नातक स्तर के सभी धर्मा के विद्यार्थियों को इस कार्यशाला में विभिन्न धर्मों के विषेषज्ञों के माध्यम से ‘भविष्य के शान्तिदूत’ बनने का प्रषिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशाला देश के विभिन्न विश्वविद्यालय में आयोजित की जा रही है और इसी क्रम में 25-26 मार्च को ये वर्कशॉप मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में हो रही है जिसके लिए यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट पद्म श्री अख्तरूल वासे का उन्होंने आभार जताया।

डॉ जुनेद ने जानकारी दी कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी स्वतंत्रता संग्राम की उपज है, इसकी नींव में एकता और राष्ट्रनिर्माण अनन्तनिहित है। इसी वजह से देश में ‘सहअस्तित्व व सहिष्णुता को बढ़ावा देना’ जामिया मिल्लिया इस्लामिया अपना दायित्व समझता है। ब्रिटिश हाइ कमीशन नई दिल्ली के प्रेस एण्ड कम्यूनिकेशन एडवाइजर असद मिर्जा ने ब्रिटिश हाइ कमीशन से सहयोग प्राप्त इस दो दिवसीय वर्कशॉप का उद्देष्य तथा ब्रिटिष उच्च आयोग के कल्याणकारी प्रोजेक्ट्स सम्बन्धी जानकारी दी।

मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने बताया कि कार्यषाला के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि महापौर घनष्याम ओझा ने सोसायटी के ऐसे आयोजनों को कौमी एकता का सशक्त उदाहरण बताया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर ऑल इण्डिया कौमी एकता कमेटी अध्यक्ष महेन्द्र सिंह लोढा, बडारामद्वारा चांदपोल के संत हरीराम शास्त्री, इस्लामिक शिक्षाविद शाहिद हुसैन, महामण्डलेष्वर सदानन्द महाराज नवल आश्रम, सिख समुदाय के सुरेन्द्र सिंह ओबेरॉय ने रोचक उद्बोधन में अपने-अपने धर्म-सम्प्रदाय की अच्छाईयां, उनके उपदेषों को जीवन में उतारने के लिए युवाओं को संदेश दिया।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. इमरान खान पठान ने जानकारी दी कि दूसरे सत्र में राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमेन जसबीर सिंह ने सिख धर्म की व्याख्या करते हुए इसे मानवता को प्रासारित करने का सश्क्त माध्यम बताया। जयनारायण व्यास विष्वविद्यालय के सेवानिवृत प्रोफेसर एवं हिन्दी विभाग के प्रमुख नन्दलाल कल्ला ने हिन्दु धर्म को जीवन जीने का तरीका कहा। रविवार को तीन सत्रों में दिल्ली के डॉ. जुनेद हारिस इस्लाम पर, फादर जोसफ इसाईयत पर, प्रोफेसर प्रियसेन सिंह बोद्ध धर्म पर व जोधपुर की डॉ. सुधी राजीव जैन धर्म की जानकारियों से भविष्य के शान्ति दूत इन युवाओं को सम्बोधित करेंगी। कार्यशाला में देश व प्रदेश के विभिन्न धर्म गुरू, षिक्षाविद्, समाजसेवी, सोसायटी सदस्यगण एवं विद्यार्थिगण उपस्थित थे। धन्यवाद सोसायटी अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने दिया। संचालन मौलाना शाहिद हुसैन नदवी ने किया। समापन समारोह रविवार को सांय साढे चार आयोजित किया जायेगा।