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कुशल नेतृत्व के लिए अच्छा संवाद जरूरी - प्रोफेसर तालिब

April 08, 2017

‘एकेडमिक लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम’ में अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर परवेज तालिब ने दिया ‘लर्निंग टू मैनेज रिलेषनषिप थ्रू ग्रुप एक्टीविटी’ एवं
‘गेनिंग सेल्फ अवेयरनेस थ्रू रिफलेकटिव राइट अप’ विषय पर दिया उद्बोधन

मानव संसाधन मंत्रालय एवं विष्वविद्यालय अनुदान आयोग के सहयोग से अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सेन्टर फॉर एकेडमिक लीडरशिप एण्ड एज्यूकेषन मेनेजमेन्ट (केलम) की ओर से मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी जोधपुर में चल रहे ‘एकेडमिक लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के अन्तर्गत

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के व्यावसायिक प्रशासन के प्रोफेसर परवेज तालिब ने दो विषयों पर अपना प्रेरणादायी उद्बोधन दिया।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एवं प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डॉ इमरान खान पठान ने जानकारी दी कि प्रोफेसर तालिब ने ‘लर्निंग टू मैनेज रिलेषनषिप थ्रू ग्रुप एक्टीविटी’ विषय के इस सत्र के तीनों सेषन में प्रतिभागियों को बताया कि समूह परिचर्चा के माध्यम से नेतृत्व का विकास किया जा सकता है प्रथम सेषन में समूह परिचर्चा का विषय मूस्लिम समाज के विकास में मुस्लिम ही जिम्मेदार हैं क्या ? रखा गया। उन्होंने ने सभी प्रतिभागियों के अच्छे नेतृत्व के लिए उनकी ओर से बताई गई कमियों को दूर करने के उपाय बताये। दूसरे सेषन में समूह परिचर्चा का विषय ‘शिक्षा का निजीकरण आज की मांग’ था। प्रोफेसर परवेज तालिब ने यह संदेश दिया कि नेतृत्व करने के लिए गहन जानकारी की आवश्यकता होती है चाहे किसी भी प्रकार का मुद्दा दे दिया जाए, उस मुद्दे पर लोगो से अच्छे संवाद के साथ चर्चा करें तथा स्वयं भी उस मुद्दे से सम्बन्धित जानकारी रखें। कुशल नेतृत्व के लिए अच्छे संवाद की जरूरत होती है। तृतीय व अन्तिम सेषन में उन्होंने ‘कौन हुं मैं, पर अपने आप को समझें’ विषय के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने रूचिकर विषय से सम्बन्धित कई शैक्षिक जानकारिया प्रदान की तथा स्वंय पर खुलकर कुछ शब्दों में निबन्ध लिखने को भी कहा।

दूसरे विषय ‘गेंनिंग सेल्फ अवेयरनेस थ्रू रिफलेकटिव राइट अप’ (चिंतनषील आलेख के माध्यम से आत्म जागरूकता प्राप्त करना) पर प्रोफेसर तालीब ने ‘जाने अपने आप को’ के सन्दर्भ में मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के युवा रजिस्ट्रार 31 साल के इमरान खान पठान का उदाहरण देते हुए कहा कि एकेडमिक लीडर की युवा पीढ़ी को रजिस्ट्रार इमरान को उदाहरण के तौर पर लेना चाहिए। ताकि बेहतर एकेडमिक लीडर बना जा सके।

मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के प्रेसिडेन्ट पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने प्रोफेसर परवेज तालिब का आभार जताया। वाणिज्य संकाय के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल्लाह खालिद ने संचालन किया तथा डीन डॉ. निरंजन कुमार बोहरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।