जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली की ‘अकडमी आॅफ प्रोफेषनल डेवलपमेन्ट आॅफ उर्दू मीडियम टीचर्स दिल्ली‘ की ओर से आयोजित पांच दिवसीय उर्दू वर्कषाॅप मे 58 उर्दू टीचर्स ले रहे भाग
जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली की ‘अकेडमी आॅफ प्रोफेषनल डेवलपमेन्ट आॅफ उर्दू मीडियम टीचर्स दिल्ली‘ एवं मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेषनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी आॅडिटोरियम में में ‘उर्दू जुबान (भाषा) की तरक्की एवं उर्दू षिक्षकों के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला चल रही है।
कार्यशाला में रविवार को पहले सेषन में अकेडमी के काॅर्डिनेटर डाॅ. वाहिद नजीर ने शहर एवं सम्भाग के सरकारी एवं गैर सरकारी 58 उर्दू टीचर्स से उर्दू की अक्षरमाला पर बात की एवं अक्षरों के स्वरूप और उनके संक्षिप्त इतिहास पर रोषनी डाली। प्राथमिक स्कूल के स्तर पर उर्दू जुबान (भाषा) को सीखाने की वैज्ञानिक पद्धति बताई। जिससे एक्टिविटी को आधार बनाकर, खेल-खेल में उर्दू पढने, लिखने, बोलने की योग्यता को विकसित किया जा सकता है। वर्कषाॅप में रचनात्मक तरीके से उर्दू सीखाने के बारीकी नुस्खे (तरीके) बताये जा रहे है।
अकेडमी के डायरेक्टर प्रोफेसर गज़नफर अली ने दूसरे सेषन में सही सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना सहित जुबान (भाषा) सीखने के बुनियादी कौषलों एवं उर्दू जुबान (भाषा) विकास सम्बन्धित पद्धतियों पर ब्ल्ेक बार्ड के जरिये विस्तार से बताया। उन्होंने षागिर्द व उस्ताद (विद्यार्थी व षिक्षक) के पढने - पढाने से जु़डी विभिन्न एक्टिविटी आधारित षिक्षण को बताया। सोमवार को उर्दू का महत्वपूर्ण सेषन एवं मंगलवार को वर्कषाॅप का समापन समारोह आयोजित किया जायेगा।