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भारत के भाग्य का निर्माण कक्षाओं में हो रहा है - प्रोफेसर मुज़म्मिल

April 11, 2017

डॉ बी आर ए यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति, इण्डियन पुलिस अकेडमी हैदराबाद एवं
अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के आतिथ्य में आयोजित ‘एकेडमिक लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम‘ के
समापन समारोह में 40 स्थानीय शिक्षाविदों को मिला शैक्षिक नेतृत्व का प्रषस्ति पत्र

मानव संसाधन मंत्रालय के सहयोग से यूजीसी एचआरडीसी अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सेन्टर फॉर एकेडमिक लीडरषिप एण्ड एज्यूकेषन मेनेजमेन्ट (केलम) की ओर से मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी जोधपुर में चल रही ‘एकेडमिक लीडरषिप ट्रेनिंग प्रोग्राम‘ का समापन मंगलवार को आयोजित प्रषस्ति पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. बीआरए यूनिवर्सिटी आगरा के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एम मुजम्मिल ‘गवर्नेंस इष्यू इन एकेडमिक इन्स्टीट्यूषन्स‘ विषय पर अपने उद्बोधन में कहा कि उच्च षिक्षा में प्राचार्यो, प्रबन्धकों व वरिष्ठ अध्यापकों की इसके दिषा निर्देषों में सबसे बड़ी भूमिका होती है। उन्हीं के प्रषिक्षण के लिए एकेडमिक लीडरषिप जैसे कार्यक्रमों की आवष्यकता होती है। उन्होंने बताया कि सन् 1986 से विष्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से संचालित एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज के तत्वावधान में ओरियन्टेषन प्रोग्राम, रिफ्रेषर प्रोग्राम तथा संक्षिप्त ट्रेनिंग कार्यक्रम उच्च षिक्षा के दिषा निर्देषन में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चलाये गये।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इंग्लैण्ड में पढा चुके प्रोफेसर मुजम्मिल ने कोठारी कमीषन का हवाला देते हुए कहा कि उसमें प्रथम पृष्ठ पर लिखा है कि भारत के भाग्य का निर्माण उसकी कक्षाओं में हो रहा है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक संस्थानों के प्रबन्धन में प्राचार्य एवं कुलपति के अतिरिक्त षिक्षकों की अह्म भूमिका होती है। जिन्हें विद्यार्थियों, अभिभावकों अन्य अध्यापकों, कर्मचारियों एवं पूरे समाज के साथ उनके उन्नयन के लिए कार्य करने की आवष्यकता है। शैक्षिक प्रबन्धन के साथ-साथ शैक्षिक सुषासन की भी नितान्त आवष्यकता है। आज के समय में प्रत्यक्ष प्रषासन से अधिक सुषासन की भूमिका है जिसमें ऐसे संस्थाओं की भूमिका होती है। जिन पर स्वतंत्र एवं निजी षिक्षण संस्थाए कुषलतापूर्वक अपना कार्य कर सके।

अलीगढ यूनिवर्सिटी केलम की असिसटेंट डायरेक्टर डॉ फाइजा अब्बासी ने कहा कि एकडमिक लीडरषिप प्रोग्राम का उद्देष्य एवं केलम की ओर से आयोजित होने वाले अन्य स्किल एवं मोटिवेषनल ट्रेनिंग प्रोग्राम की विस्तार से जानकारी दी। प्रोग्राम कॉर्डिनेटर एवं यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. इमरान खान पठान ने बताया कि इण्डियन पुलिस अकेडमी हैदराबाद के प्रोफेसर जी ए कलीम ‘टीचर एज ए काउन्सलर‘ विषय पर अपना उद्बोधन दिया। इस छः दिवसीय शैक्षिक नेतृत्व पर प्रषिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाली डॉ मरजीना एवं डॉ निरंजन बोहरा ने अपने उद्गार पेष किये। अंत में शहर की विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ संकाय सदस्यों सहित कुल चालीस षिक्षाविदों को प्रषस्ति पत्र से नवाजा गया। पूर्व में समस्त अतिथियों को यूनिवर्सिटी की ओर से सम्मानित भी किया गया। समारोह में अलीगढ यूनिवर्सिटी के जुल्फिकार अहमद भी मौजूद थे।

यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित ‘पण्डित मदन मोहन मालवीय नेषनल मिषन ऑन टीचर्स एण्ड टीचिंग‘ योजना की इस प्रेरणादायी कार्यक्रम से ये षिक्षाविद्

भविष्य की नई पीढियों में मुल्क की तरक्की रूपी संस्कार स्थानान्तरित करेंगें। मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेषनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने शैक्षिक एवं कल्याणकारी संस्थाओं की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाएं बताई। धन्यावाद सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने दिया। संचालन वाणिज्य संकाय के व्याख्याता डॉ. अब्दुल्लाह खालिद ने किया।