दारूल उलूम देवबन्द उत्तरप्रदेश, के पूर्व कुलपति मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी
के आतिथ्य में ‘देश की तरक्की और मुसलमान‘ विषय पर सेमीनार का हुआ आयोजन
मदरसा, स्कूल, काॅलेज इन्सानी जरूरत है। जो समाज अपने आप को एज्यूकेशन और तालीम के साथ जोड़ेगा वो समाज चैन और सूकुन के साथ रहेगा। ये कहना है दुनिया एवं देश के इस्लामिक ज्ञान के सर्वोच्च स्थान रखने वाले ‘दारूल उलूम देवबन्द‘ उत्तरप्रदेश के पूर्व कुलपति एवं जामिया इस्लामिया इषातुल उलूम अक्कलकुवा महाराष्ट्र के फाउन्डर मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी का।
वे अपने जोधपुर दौरे के दौरान मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी तशरीफ लाये। इस्लामी और आधुनिक शिक्षा के पक्शधर तथा स्कूल, काॅलेज सहित मेडिकल और इंजीनियरिंग काॅलेज के संस्थापक मौलाना वस्तानवी ने सोसायटी के अधीन संचालित समस्त शैक्षिक व कल्याणकारी संस्थानों के अवलोकन के साथ ही बुझावड गांव स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन परिसर का दौरा किया।
उन्होंने मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर को राजस्थान और गुजरात क्षेत्र में तालीम का सबसे बड़ा संस्थान बताया। इस आदर्श यूनिवर्सिटी को राजस्थान सहित हिन्दुस्तान के लोगो का सम्मान बताते हुए इसे सभी समुदायों के छात्र-छात्राओं के लिए निम्नतम लागत पर हर क्षेत्र की उच्च शिक्षा पाने का सक्शक्त माध्यम बताया।
इस दौरान गंगाणा रोड़, चैखा स्थित ‘दारूल उलूम अल अरबिया अल इस्लामिया‘ मदरसे में ‘देश की तरक्की और मुसलमान‘ विशय पर बतौर मुख्य वक्ता अपने व्याख्यान में मौलाना वस्तानवी ने कहा कि इस मुल्क में मुसलमान बड़ा अल्पसंख्यक है तथा शैक्षिक दृष्टि से कमजोर है। हम इस तालीमी पिछडे़पन का रोना नहीं रोते बल्कि अब मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के स्थापित होने के बाद हम में एक हिम्मत और ताकत आ गई हैं। आने वाले दिनों में मुसलमानों का तालीमी अनुपात बुलन्दी की ओर बढे़ेगा और तालीम के जरिये ही तस्वीर बदलेगी।
इस मौके पर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट पद्म श्री अख्तरूल वासे ने कहा कि इस्लामी शिक्षाविद् मौलाना वस्तानवी वे शख्स है जिनके नज़दीक तालीम दीनी एवं दुनियावी नहीं बल्कि तालीम का सिर्फ एक ही रूप है जिसमें दोनो समान रूप से समाहित है।
इस मौके पर राजस्थान वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमैन शौकत अंसारी, सोसायटी के कोषाध्यक्श हाजी इस्हाक खां, पूर्व अध्यक्श शब्बीर अहमद खिलजी, सदस्य डाॅ गुलाम रब्बानी, हनीफ लोहानी, मोहम्मद इस्माईल, हारून खान, रऊफ अंसारी, फिरोज अहमद काजी, निसार अहमद खिलजी, जकी अहमद, खालिद कुरैषी, मोहम्मद साबिर, शमसुद्दीन चुंदडीगर सहित इस्लामी शिक्षाविद्, विद्यार्थी एवं मुस्लिम समाज के प्रबुद्धजन सहित कई लोग मौजूद थे। सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने मौलाना वस्तानवी का मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की ओर से स्वागत किया। धन्यवाद सोसायटी के अध्यक्श अब्दुल अजीज ने दिया।