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झंकार सांस्कृतिक सप्ताह 2017 के अन्तर्गत खाना खजाने में मेहमान नवाजी

May 06, 2017

वेस्ट आॅफ बेस्ट में दिखी उपयोगिता अन्ताक्षरी व स्किट प्ले से दिया जागरूकता का पैगाम

किसी ने उत्तर भारत के प्रसिद्ध स्वादिष्ट व्यंजन बनाये तो किसी ने दक्षिण भारत के जायकेदार खाने तैयार किये। मौका था, कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद मुस्लिम महिला बीएड काॅलेज में आयोजित सांस्कृतिक सप्ताह झंकार 2017 में आयोजित ‘खाना खजाना‘ प्रतियोगिता का।

प्रिन्सीपल डाॅ. सपना सिंह राठौड ने बताया कि खाना-खजाना प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राध्यापिकाओं ने देष के दो प्रसिद्ध क्षेत्रों के व्यंजन को पारम्परिक तरीकों से तैयार कर, खूबसुरत अंदाज से सजाया और निर्णायकों के समक्ष बेहतरीन मेहमान नवाजी के साथ पेष किया।

निर्णायक मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाॅ इमरान खान पठान, मौलाना आजाद बीएसटीसी स्कूल की प्रिंसीपल जेबा नाज ने व्यंजनों का स्वाद चखकर रजिया सुल्तान (बी ग्रुप) और लक्ष्मीबाई (ए ग्रुप) समुह के बीच हुई खाने की इस जंग में रजिया सुल्तान ग्रुप को विजयी घोषित किया।

अंताक्षरी प्रतियोगिता में रजिया सुल्तान एवं रानी लक्ष्मीबाई ग्रुप के बीच सिम्पल, शब्द, डाइलाॅग, वर्ड इफेक्ट, फिल्मी सांग सहित एक्टिंग के छः राउन्ड हुए। इसमें सुर संगम, जुगलबंदी और हाजिरजवाबी को देखते हुए निर्णायक व्याख्यता ममता सिंह ने रानी लक्ष्मी बाई ग्रुप को विजेता चुना।

साथ ही आयोजित हुई ‘वेस्ट आॅफ बेस्ट‘ प्रतियोगिता में तीस छात्राओं ने घर की खराब व बेकार पड़ी वस्तुओं का प्रयोग कर कुछ नयी, रचनात्मक और उपयोगी घरेलू सजावटी चीजें बनाई। शकीला की कांच की बोटल व एमडीएफ बोर्ड से बनी टी टेबल को पहला, वसुन्धरा गुप्ता की कोलड्रिंक की प्लास्टिक बोटल व कपड़ो से बने सोफा को दूसरा, व शाहिना के पुराने न्यूज पेपर व एमडीएफ बोर्ड से बनी र्कानर टेबल को तीसरा स्थान मिला।

‘स्कीट प्ले‘ प्रतियोगिता में छात्राओं ने नषामुक्ति, लिंग भेदभाव, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, बाल विवाह, खिचडी, अनेकता में एकता विषय पर संदेषात्मक लघु नाटक पेष किये। स्कीट प्ले में एम ग्रुप प्रथम, शाहीन ग्रुप द्वितीय व मनीषा, शहनाज व वसुन्धरा समुह को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान मिला। निर्णायक भावना प्रजापति, अब्दुल तनवीर काजी, मोहम्मद रफीक रहे। इस मौके पर व्याख्याता सलीम अहमद, अब्दुल हई, डाॅ प्रमिला गहलेात, कान्ता मिश्रा, तनवीर काजी, अरविन्द व्यास, मदीना बानो, नासिर खान, इकबाल का विशेष सहयोग रहा। धन्यवाद डाॅ. सपना सिंह राठौड ने दिया।