साॅफ्टवेयर फ्रीडम के लिए हुआ मैराथन
मुक्त व मुफ्त साॅफ्टवेयर की आज़ादी के लिए दौड़ा शहर
साॅफ्टवेयर फ्रीडम डे के मौके पर, पोस्टर, कोलार्ज, डिजीटल पेन्टिंग व स्पीच काॅम्पिटिशन के विजेताओं का हुआ सम्मान
साॅफ्टवेयर टेक्नाॅलाॅजी एसोसियेशन आॅफ राजस्थान के सचिव, उपाध्यक्ष व एक्जिक्यूटिव मेम्बर ने की शिर्कत
आने वाला दौर आॅपन सोर्स (मुक्त व मुफ्त स्त्रोत) का है, हमारी संस्थान आज 80 प्रतिशत कार्य आॅपन सोर्स पर कर रही है। यह हमारा सौभाग्य है कि पूरे भारत में गैस सब्सिड़़ी सही व्यक्ति तक पहुँचने तथा गैस की बुकिंग व वितरण को सुनिश्चित करने के लिए एक साॅफ्टवेयर काम कर रहा है। इस साॅफ्टवेयर के निर्माण का सौभाग्य जोधपुर के प्रोग्रामर को मिला था।
ये कहना है साॅफ्टवेयर टेक्नाॅलाॅजी एसोसियेशन आॅफ राजस्थान के सचिव व टेक्नोसाॅफ्ट के डायरेक्टर पुनीत राव का। वे बतौर मुख्यअतिथि, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयेर सोसायटी के अधीन संचालित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेन्ट आॅफ कम्प्यूटर साइंस की ओर से साॅफ्टवेयर फ्रीडम डे (एसएफडी) पर आयेाजित मैराथन एव विभिन्न प्रतियोगिताओ के विजेतओं के सम्मान समारोह में बोल रहे थे।
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाॅ इमरान खान पठान ने कहा कि साॅफ्टवेयर टेक्नाॅलाॅजी एसोसियेशन आॅफ राजस्थान के उपाध्यक्ष मुनीर अंसारी ने विशिट अतिथि के तौर पर कहा कि स्टूडेन्ट को पढते समय प्रेक्टिकल द्वारा प्राब्लम सोलविंग करने लिए मूलभूत कान्सेप्ट स्पष्ट करने चाहिए। तब कम्प्यूटर की किसी भी डेवलपमेन्ट भाषा की बड़ी से बड़ी समस्या को आसानी से हल किया जा सकता है। एसोसियेशन के एक्जिक्यूटिव मेम्बर सोहेल खान ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर कहा कि आज मार्केट में ग्राहक को क्या चीज चाहिए। इसके लिए एक प्रोग्रामर को सिर्फ कमरे मे कोडिंग ही नहीं बल्कि अपने आस-पास हो रहे बदलाव व तकनीक को देखते हुए, पूर्व में किये गये इनोवेशन को नये आयाम देने के प्रयास करने होंगे।
यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने अतिथियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजो ने अपनी आने वाली नस्लों के लिए वील (पहिया) का अविष्कार किया था। आप साॅफ्टवेयर इण्डस्ट्री के लोगों ने आज हमें व हमारे बच्चों को जील (अति उत्साह) दी। जिससे ये भावी पीढी साॅफ्टवेयर जगत में नये रचनात्मक अविष्कार करेंगी। सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने प्रतिभागियों को प्रेरणारूपी उद्बोधन व धन्यवाद ज्ञापित किया।
आन्ध्रप्रदेश के फाॅस यात्रा फाउन्टर व साॅफ्टवेयर फ्रीडम एक्टिविस्ट जीटी राव ने बताया कि वर्ष 2007 में अमेरिका की गैर लाभकारी साॅफ्टवेयर फ्रीडम इन्टरनेशनल संस्थान ने पुरी दुनिया में सितम्बर के तीसरे शनिवार को साॅफ्टवेयर फ्रीडम डे (एसएफडी) मनाने की शुरूआत की। राजस्थान में इस वर्ष एसएफडी का एकमात्र मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी ने आयोजन किया। शहर के आमजन को मुक्त व मुफ्त साॅफ्टवेयर तथा साॅफ्टवेयर उपयोग करने के मानवीय अधिकारों से रूबरू कराने के मकसद से यह आयोजन हुआ। प्रोग्राम के काॅर्डिनेटर फारूक अहमद ने कहा कि आज फ्री एण्ड आॅपन सोर्स साॅफ्टवेयर में सभी यूजर इन्टरफेश उपलब्ध है जैस गूगल के स्थान पर डकडकगो, एमएस मीडिया प्लेयर के स्थान पर वीएलसी मीडिया प्लेयर, फोटोशाॅप की जगह जीआईएमपी, काॅरलड्रा की जगह इंकस्केप, एमएस आॅफिस की जगह लिब्रेआॅफिस व वाट्सअप की जगह टेलिग्राम यूज कर सकते है। जिसमें वायरस का खतरा बिल्कुल नहीं है।
यूनिवर्सिटी के प्रोग्राम डायरेक्टर मोहम्मद अमीन ने बताया कि समारोह से पूर्व बरकतुल्लाह खान स्टेडियम परिसर पर मैराथन का आयोजन हुआ। इसमें मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी, फार्मेसी, नर्सिंग, आईटीआई, बीएड, बीएसटीसी, स्कूल के स्टूडेन्ट, कम्प्यूटर क्षेत्र से जुड़े लोग व आमजन ने शिर्कत की। साथ ही कम्प्यूटर फील्ड के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित हुए पोस्टर, कोलार्ज, डिजीटल पेन्टिग व स्पीच काॅम्पिटिशन के 25 विजेता प्रतिभागियों को यूनिवर्सिटी सभागार में सम्मनित किया गया।
मैराथन के छात्रा वर्ग में कक्षा नवीं की स्काउट छात्रा मुस्कान फिरदौश, मेहमूना व नानदेवी ने क्रमशः पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया। छात्र वर्ग में डी फार्मा के शाहरूख कुरैषी, बीएड के धीरेन्द्र सिंह व परमाराम ने प्रथम, द्वितीय व तीसरा स्थान हासिल किया। समारोह में सोसायटी सदस्य, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। अन्त में एसएफडी सांग से कार्यक्रम का समापन हुआ। संचालन मोहम्मद अमीन ने किया।