Home > Latest News / मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर का पहला दीक्षान्त समारोह सम्पन्न

मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर का पहला दीक्षान्त समारोह सम्पन्न

October 02, 2018

मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी की स्थापना जोधपुर के लिए गर्व की बात - गजसिंह

मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर का पहला दीक्षान्त समारोह सम्पन्न

पूर्व महाराजा गजसिंह के मुख्य आतिथ्य में 341 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्रियां, 6 विद्यार्थी को मिला गोल्ड मेडल

 

जोधपुर 02 अक्टूबर।  हमें शिक्षा के जरिये नई पीढी को नौकरी पाने वाला नहीं बल्कि सही अर्थो में इन्सान बनाना है ताकि ये इन्सान खुद तरक्की कर, लोगों के काम आ सकें और इन्सानियत और अपणायत की भावना का विकास हो।

      ये कहना है जोधपुर के पूर्व सांसद एवं पूर्व महाराजा गजसिंह द्वितीय का। वे मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित गंगाणा फाटा, बुझावड़ गांव स्थित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर के मंगलवार 02 अक्टूबर 2018 को यूनिवर्सिटी परिसर में गांधी- शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित हुए पहले दीक्षान्त समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपना उद्बोधन दे रहे थे।

      उन्होंने यूनिवर्सिटी का अवलोकन करने के पश्चात् कहा कि मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी ने पिछले कुछ वर्षो से सराहनीय कार्य किये है और स्कूल से यूनिवर्सिटी तक का सफर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। हमारे परिवार का इस सोसायटी से पुराना और गहरा रिश्ता रहा है और यहां सभी कौम के लोगों व बच्चों को साथ लेकर चलने की भावना, देश के विकास के लिए आदर्श भाव पेश करती है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने कहा कि यह बहुत ऐतिहासिक व गौरव की बात है कि सन् 1929 में इस सोसायटी की स्थापना दरबार मुस्लिम स्कूल के रूप में पूर्व महाराजा गजसिंह के दादा महाराजा उम्मेद िंसंह जी के हाथों हुई और आज वहीं स्कूल का पौधा जो यूनिवर्सिटी का वृक्ष बन चुका है उसके उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उम्मेद सिंह जी के पोते गजिंसंह जी हाथों डिग्रीयां प्रदान की जा रही है।

सोसायटी के सीईओ व कोषाध्यक्ष मोहम्मद अतीक ने कहा कि हमारी दुआ है कि पश्चिमी भारत की पहली अल्पसंख्यक प्राइवेट यूनिवर्सिटी मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी से निकलने वाले सभी समुदायों के ये छात्र-छात्राएं, जिनमें बालिकाओं का प्रतिशत अधिक है भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में कडी मेहनत से यूनिवर्सिटी, अभिभावक, शिक्षकगण व देश का नाम रोशन करें।

      यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ इमरान खान पठान ने बताया कि अकादमिक वर्ष 2015-2016 व 2016-2017 के कुल 341 विद्यार्थियों को सभी विषयों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर की डिग्रियां प्रदान की गई। ये डिग्रियां 210 छात्रों व 131 छात्राओं को दी गयी। विशेष रूप से वर्ष 2016 की बीए छात्रा बुशरा मोदी, वर्ष 2016 के बीकॉम छात्र सोहेल खान, वर्ष 2017 की छात्रा समरीन बानो, वर्ष 2017 के बीकॉम छात्र मोहम्मद मुस्तकीम, वर्ष 2017 की बीएससी छात्रा गुलफ्सां बानो, वर्ष 2017 के एमपीएचएलटी के विद्यार्थी समन खान को सर्वोत्तम अंको एवं बेहतर प्रफोर्मेन्स के लिए गोल्ड मेडल से नवाज़ा गया।

इस मौके पर यूनिवर्सिटी के पूर्व चेयरपर्सन अब्दुल अजीज ने मारवाड मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के इतिहास, वर्तमान एवं भविष्य की योजनाओं पर रोशनी डाली। यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन हाजी अबादुल्लाह कुरैशी ने दीक्षान्त समरोह को विधिवत् रूप से शुरू करवाने की आज्ञा प्रदान की। समारोह में संकलन कलाकार अंजू व राजेन्द्र सिंह गहलोत के सहयोग से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व राष्ट्रपुरूष के जीवन पर समाचार पत्रों की फोटो प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।

दीक्षान्त समारोह में अमेरिका से पधारें जेएसपीएच के संस्थापक डॉ अनिल पुरोहित, मुम्बई से आये मोहम्मद इब्राहीम, पूर्व आरएएस अनवर अली खान, सोसायटी के उपाध्यक्ष मोहम्मद अली चुंदडीगर, सरपरस्त शब्बीर अहमद खिलजी, डॉ गुलाम रब्बानी, शौकत अंसारी, फजलुर्रहमान, नजीर खां, हाजी इस्हाक, सदस्य अब्दुल मुनाफ, हनीफ लोहानी, अब्दुल्लाह खालिद कुरैशी, फिरोज अहमद काजी, रऊफ अंसारी, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद आसिफ, जकी अहमद, नौशाद खान, शेख अहमद अली, जुगनू खान, रजब अली, एडवोकेट रिडमल खां मेहर, एडवोकेट बरकत खां मेहर, सादिक अली एडवोकेट, मेहबूब नागौरी, अहम हुसैन भूरट, शब्बीर हुसैन पीटीआई, प्रोग्राम डायरेक्टर मोहम्मद अमीन, सोसायटी के अधीन चलने वाली समस्त संस्थाओं के संस्था प्रधान, व्याख्यातागण सहित देश भर से कई शिक्षाविद्, प्रबुद्धजनों एवं विद्यार्थियों ने शिर्कत की।

पूर्व में मुख्य अतिथि को गाइडर अरूणा सोलंकी व मोहम्मद रफीक खान के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट्स की ओर से सलामी पेश की गई तथा स्कूल बैंड की ओर से वेलकम किया गया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन किया गया। आभार सोसायटी के महासचिव निसार अहमद खिलजी ने दिया।