हौसलों से जीतनी है कैंसर से जंग - प्रोफेसर पठान
वल्र्ड कैन्सर डे पर हुआ व्याख्यान व जागरूकता अभियान का आयोजन
इस वर्ष की थीम रही ‘आई एम एंड आई विल‘
जोधपुर 04 फरवरी। कैंसर बीमारी का नाम ही ऐसा है कि लोग जिन्दगी से नाउम्मीद हो जाते है। शुरूआती स्टेज से पहचान से इलाज सम्भव है। कैंसर से जंग के लिए मजबूत इच्छाशक्ति जरूरी है।
ये कहना है मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रर व विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर डाॅ इमरान खान पठान का। वे सोमवार को गंगाणा फाटा, बुझावड़ गांव स्थित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर के फैकल्टी आॅफ साइन्स में वल्र्ड कैंसर डे पर आयोजित एक व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता अपना उद्बोधन दे रहे थे।
प्रोफेसर पठान ने अपने उद्बोधन में कहा कि उपचार की आधुनिक तकनीक से मरीज स्वस्थ जीवन बिता रहे है। कैंसर से जंग में जीत के लिए जरूरी है जागरूकता के साथ अपनो का हौंसला। वल्र्ड कैंसर डे हर वर्ष 4 फरवरी को मनाते है। इस वर्ष की थीम ‘आई एम एंड आई विल‘ है इसका उद्देश्य लोगों के मन में बैठे डर को भगाकर जिंदगी की जंग जीतने के लिए हौसला देना है।
उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि 25 लाख कैंसर रोगी है, भारत में दूसरी बड़ी जानलेवा बीमारी है। 30 प्रतिशत मरीज ओरल यानी मुंह के कैंसर के है। 22 प्रतिशत कैंसर से होने वाली मौतों के कारणों में से तम्बाकू है। 10 लाख कैंसर के मामले प्रतिवर्ष आते है जिन्हे टीकाकरण से रोक सकते है। 33 हजार मौतें सिफ सर्वाइकल कैंसर से होती है। 5 वसे 10 प्रतिशत कैंसर वंशानुगत और जीन्स में बदलाव से होता हैं।
कैंसर के मरीज को घरवाले, रिश्तेदार और दोस्त बेचारा न समझें। उसे साहस के साथ लड़ने के लिए प्रेरित करें। मरीज कैंसर की वजह से तनाव व बैचेनी में रहने लगे तो विशेषज्ञ से सम्पर्क करें। मरीज की स्थिति के बारें में विस्तार से बतायें। जागरूकता, हौसलें और सही इलाज से ही कैंसर पर काबू पाया जा सकता है।
इस अवसर पर जुलाॅजी डिपार्टमेन्ट की अर्चना शर्मा, श्वेता जैन, केमेस्ट्री डिपार्टमेन्ट के हेड डाॅ रईस, हर्षित माथुर के नेतृत्व में विज्ञान संकाय से जुड़े विद्यार्थियों ने पास के गांव गंगाणा व बुझावड़ के ग्रामीण लोगों को कैंसर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत जानकारी प्रदान की। सचंालन बाॅटनी डिर्पामेन्ट के हेड डाॅ मेहबूब ने किया।
