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जिसे बढना है उसे पढना होगा - मौलाना मदनी

February 11, 2019
  जिसे बढना है उसे पढना होगा - मौलाना मदनी 
प्रसिद्ध इस्लामी स्कोलर मौलाना मेहमूद मदनी ने दिया ‘तालीम से तरक्की‘ विषय पर व्याख्यान 
मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी बुझावड़ में स्टूडेन्ट्स से हुये मुखातिब
 
जोधपुर 11 फरवरी। ये हमारे रब की महरबानी है कि उसने हमें उस सोसायटी मेें पैदा नहीं किया जहां शत प्रतिशत लोग या तो मुसलमान होते या हिन्दू। उस रब ने हमें ऐसी भारत नाम की सोसायटी में पैदा किया जहां सभी कौमों के लोग रहते हैं। 
ये कहना है प्रसिद्ध इस्लामिक स्कोलर व जमीयत उलेमा ए हिन्द के जनरल सेक्रेट्री मौलाना मेहमूद मदनी, का। वे गंगाणा फाटा, बुझावड़ गांव स्थित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी में सोमवार को आयोजित ‘तालीम से तरक्की‘ विषय पर अपना उद्बोधन दे रहे थे। 
मौलाना मदनी ने स्टूडेन्ट्स से मुखातिब होते हुए कहा कि ये हमारा देश एक ऐसा बागीचा है जिसमें सभी जातियों के फूल है। इस प्यारे देश में कोई गैर नहीं सब अपने है। हम सभी पूरी शराफत, ईमानदारी व मेहनत से इस देश में इज्जत व कामयाबी हासिल कर सकते हैं। आप जब निर्णय ही नहीं करेंगे तो निश्चय नहीं कर सकते हैं। आपको फैसला करने वाला बनना है आप जो फैसला कर लेंगे देश उस तरफ जायेगा। हमारे देश की पहचान है कि यहां के लोग बहुत मेहनती होते हैं। 
उन्होंने कहा कि सभी शैक्षिक संस्थाओं में स्मार्ट फोन का दुरूपयोग रोकने के लिए इसे बंद किया जाना चाहिए। स्मार्ट फोन न टीचर के पास होने चाहिए न स्टूडेन्ट केे पास। 
साथ ही कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आज़ाद कैम्पस में हुई प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि कोई मुसलमान अगर सच्चा मुसलमान है और वो सिर्फ मुसलमान के लिए काम करता है तो वो कभी सच्चा मुसलमान हो ही नहीं सकता। मुसलमान वो है जो अपने बारे मंे, अपने परिवार के बारे और सब इन्सानों के बारें में सोचें। उस अल्लाह की महरबानी है कि उसने मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी को सब लोगों की खिदमत करने का मौका दिया इसमंे सब कौमों के बच्चे आते है यही मेरा भारत है, स्कूल, काॅलेज और यूनिवर्सिटी इसकी मिसाल है। 
लोगों के मन में हर सरकार से शिकायत है जो सही है लेकिन मैं मुसलामानों से अपील करता हूं कि वे दूसरे लोगों से उम्मीद करना छोड़ दें। भरोसा कीजिए अपनी काबिलियत, मेहनत और काबिल बनने पर। इन बातों पर मुसलमान सहित सभी कौमों को मेहनत करनी चाहिए क्योकि जिसको बढना है उसे पढना होगा और पढने के लिए मेहनत करनी होगी ओर मेहनत भी गुजारे वाली नहीं स्पेशलाइजेशन वाली होनी चाहिए। आप किसी विषय में खास होंगे तो लोगों की जरूरत बन जायेंगे। 
आरक्षण पर बात करते हुए उन्होनंे कहा कि या तो सरकार को सौ प्रतिशत रिजर्वेशन कर देना चाहिए ताकि सभी को योग्यता के आधार आरक्षण मिल सके। या आरक्षण बिल्कुल खत्म कर देना चाहिए। या आरक्षण की पोलिसी को सुधार के लिए संशोधित करना चाहिए। 
किसी भी तरह के अधिकारों की लड़ाई उग्र नहीं बल्कि संयम से होनी चाहिए। उन्होेंने गैर जिम्मेदारी से दिये गये भांषणों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देश सर्वोपरि है हमारी किसी भी बात से हमारे देश को आंच नहीं आनी चाहिए और जो लोग ऐसा करते हैं चाहे वो मेरा कितना भी करीबी ही क्यों न हो उसे हमें स्वीकार नहीं करना चाहिए। 
  भारत उपमहाद्वीप देश में बहुत सारे देश है जहां 99 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है लेकिन भारत का मुसलमान आज भी इन देशों की तुलना में बेहतर हालात में अपना जीवनयापन कर रहा है। 
यूनिवर्सिटी में हुए व्याख्यान में रजिस्ट्रार डाॅ इमरान खान पठान, समस्त प्रोफेसर, स्टूडेन्ट्स, बाड़मेर, जैसलमेर व सम्भाग के इस्लामी जानकार, प्रबुद्धजन, समाजसेवी एवं आमजन मौजूद थे। धन्यवाद सोसायटी के महासचिव निसार अहमद खिलजी ने दिया। संचालन प्रोग्राम डायरेक्टर मोहम्मद अमीन ने किया।