मरीज की नई जिन्दगी है एनस्थीसिया डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ की सज़गता - डॉ आसेरी
विश्व एनस्थीसिया दिवस के मौके पर
नर्सिंग एवं फार्मेसी विद्यार्थियों ने ली एनस्थीसिया जागरूकता की शपथ।
चौकन्ना रहना एनस्थीसिया डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ के लिए अतिजरूरी हैं। मेडि़कल भाषा के अनुसार ऑक्टोपस और चील की तरह सज़ग हैं एनस्थीसिया डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ। उनकी सजगता ही मरीज को नई जि़न्दगी देती हैं। ये कहना हैं सम्पूर्णानन्द मेडि़कल कॉलेज के पूर्व प्रिन्सीपल डॉ आर.के. आसेरी का।
जो इण्डियन सोसायटी ऑफ एनस्थिसियोलोजिस्टस जोधपुर की शहर शाखा की ओर से एस आर फार्मा के तत्वावधान में वर्ल्ड एनस्थिसिया डे़ पर कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद सभागार में गुरूवार को आयोजित एनस्थिसिया (निश्चेतना/बेहोशी) विषय की सार्वजनिक जागरूकता विषयक संगोष्ठी में बतौर मुख्यअतिथि बोल रहे थे।
इस अवसर पर माई खदिजा इन्सटीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइन्सेज एवं मौलाना आजाद इन्सटीट्यूट ऑफ फार्मेसी के छात्र-छात्राओं को भारतीय निश्चेतना संगठन (आईएसए) की शहर शाखा के सचिव डॉ. भरतमाहेश्वरी, डॉ. एम.सी.पंवार, डॉ गिरीश, माथर, डॉ शोभा पारिख, एस.आर. फार्मा के मोहम्मद साबिर ने एनस्थीसिया दिवस, इसकी आधारभूत जानकारी, आईसीयू, दवाईयां, ऑपरेशन थियेटर मैनेजमेन्ट सहित एनस्थीसियां की सम्पूर्ण प्रकिया बताई। साथ ही एनस्थीसिया डाक्टर का कार्य मरीज को कंट्रोल करना, होश में लाना, दर्द रहित व मसल्स को आराम देना बताया।
संगोष्ठी में एसमिरा के प्रतिनिधि मोहम्मद रेहान, मोहम्मद साबिर, संस्थान के महासचिव मोहम्मद अतीक, प्रिन्सीपल जितेन्द्र खत्री, फिरोज अहमद काजी, अब्दुल आलीम उस्ता, मोहम्मद वकास, नर्सिंग एवं फार्मेसी के स्टॉफ व विद्यार्थी उपस्थित थे। अन्त में डॉ एम सी पंवार द्वारा एनस्थीसिया विषय पर लिखित किताब भी वितरित की गई। संवाद कार्यक्रम के साथ एनस्थीसिया के प्रति लोगों मे जागरूकता फैलाने के लिए शपथ भी ली गई। डॉ. भरत माहेश्वरी ने सभी का आभार प्रकट किया। संचालन इमरान अली ने किया व केक काटकर विश्व एनस्थीसिया दिवस की खुशी मनाई गई।