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भाषायी एकता देश की जरूरत - बोहरा

November 21, 2014

भाषायी एकता देश की जरूरत - बोहरा
कौमी एकता सप्ताह के अन्तर्गत भाषायी सामंजस्य दिवस मनाया गया।

भारत में भाषायी सौहार्द्र हर गांव, कस्बा एवं राज्य में देखने का मिलता है क्यों भाषा अनेकता में एकता स्थापित करने का कार्य करती है तथा भाषा से ही समाज में सामंजस्य स्थापित होता है। ये कहना हैं मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ओपी बोहरा का। उन्होंने भाषायी एकता को देश की जरूरत बताया।

जो गृह विभाग राजस्थाान सरकार के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन जोधपुर, राज्य संसाधन केन्द्र जोधपुर एवं मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में इक्कीस नवम्बर शुक्रवार को कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी सभागार में भाषायी सामंजस्य दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में विद्यार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे।

सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि आज देश भर मे विशेषकर दक्षिण भारत में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर जो विद्यटनकारी ताकतें सक्रिय है वो देश की एकता को आद्यात पहुंचाती है। उन्होने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के जरिये भारत गणराज्य की सांस्कृतिक विविधता को मजबूती देने का प्रयास करना चाहिए। 

मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की हिन्दी विषय की सहायक आचार्य डॉ मरजीना ने कहा कि भाषा व विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए न कि भाषा को लेकर अहंकार का भाव। मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की समाजशास्त्र विषय की सहायक आचार्य नीलम जोशी ने कहा कि भारत में 544 भाषाएं बोली जाती है। देेश में हर चार कोस पर पानी और दस कोस पर वाणी (बोली) बदल जाती है। इतनी भाषाओं के रहते हुए भी भारत में अनेकता में एकता व प्रेम सौहार्द्र दिखाई देता है।

मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की गृहविज्ञान विषय की सहायक आचार्य डॉ साबरा कुरैशी ने कहा कि चाहे किसी भी प्रान्त की भाषा क्यों न हो। सभी भारतीयों को सभी प्रान्तों की भाषा, संस्कृति एवं पारम्परिक रीति-रिवाजों का सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर छात्रा समीना उस्मानी एवं साथीयों ने “फर्क रखती नहीं इन्सानों में, दिल में हिन्दुस्तान रखती हूं” शीर्षक से सांस्कृतिक एकता पर गायन प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में यूनिवर्सिटी समन्वयक सलीम अहमद, डॉ सीमा परवीन खान, डॉ इनाम इलाही, डॉ अंजली सोनी, डॉ अब्दुल्लाह खालिद, डॉ शाहिद, डॉ रामचन्द्र, डॉ मेहबूब, डॉ रईस, डॉ हबीब, राम प्रकाश सहित समस्त व्याख्यागण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।