महिलाओं की देश, समाज एवं परिवार में सुनिश्चित हो भागीदारी - नाज़
क़़ौमी एकता सप्ताह के अन्तर्गत महिला दिवस के अवसर पर
महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर हुई चर्चा
आज पूरे विश्व में महिलाएं प्रभावकारी विकास के लिए देश, समाज एवं परिवार में अपना योगदान कर रही है। फिर भी उन्हें भेदभाव एवं अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और वे शोषण एवं हिंसक अपराधों का शिकार हो रही है।
ये कहना है कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आज़ाद मुस्लिम षिक्षक प्रषिक्षण विद्यालय (बीएसटीसी) की प्रधानाचार्या जेबा नाज़़ का। जो गृह विभाग राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन जोधपुर, राज्य संसाधन केन्द्र जोधपुर एवं मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को क़ौमी एकता सप्ताह के अन्तर्गत महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका विषय पर आयोजित चर्चा में बीएसटीसी प्रश़्िाक्षणार्थियों को सम्बोधित कर रही थीं।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए महिलाओं को स्वयं भी जागरूक बनकर, आत्मरक्षा के उपायों को अपनाने की जरूरत है। व्याख्याता फरहा मेहर ने झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, रजि़या सुल्ताना, बेगम हज़रत महल का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें स्वयं की रक्षा के लिए कई रक्षात्मक कोर्स सीखने चाहिए तथा प्राचीन भारत की विदुषी महिलाओं को अपना आदर्श मानकार, वर्तमान की मैेरीकॉम, सानिया मिर्जा, इन्दिरा नूूई, प्रतिभा पाटिल, किरण बेदी, सुनीता विलियम्स, कल्पना चावला आदि की तरह बनें।
व्याख्याता सुमन राठौड़ ने कहा कि महिलाएं परिवार एवं राष्ट्र की धुरी हैं उन्हें अपनी रूचिअनुरूप क्षेत्र चुनने एवं निर्णय लेने की आज़़ादी में पारिवारिक एवं सामाजिक दबाव नहीं होना चाहिए। व्याख्याता स्वाति छंगाणी ने कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत और इरादे मज़़बूत होने चाहिए। सामुहिक चर्चा में छात्राध्यापिका परवीन, संजीदा, उषा, मंजू ने “हम होंगे कामयाब” गीत पेश किया। इस अवसर पर व्याख्याता मोहम्मद आरिफ, गजेन्द्र, आसिफ खान, जमीला सहित समस्त बीएसटीसी छात्र-छात्राएं मौजूद थी।