रंगोली के माध्यम से दिया
आतंकवाद मुर्दाबाद और स्टॉप टेररिज़्म का संदेश
मुम्बई हमले की छठी बरसी पर शहीदों को छात्राओं ने दी श्रद्धांजलि
छः वर्ष पूर्व आज ही के दिन देश की व्यापारिक राजधानी और देश की धड़कन कहे जाने वाले मुम्बई शहर में 26 नवम्बर 2008 को मुम्बई पर आतंकवादी हमला हुआ। हमले में शहीद हुए बेगुनाह लोगों व देश के सिपाहियों को बुधवार को मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित मौलाना आज़ाद मुस्लिम महिला बीएड कॉलेज की छात्राध्यापिकाओं ने रंगोली के माध्यम से “आतंकवाद
मुर्दाबाद” व “स्टॉप टेररिजम” की रंगोली को उकेरकर, उन्हें श्रद्धांजलि दी। छात्राध्यापिकाओं ने इस अवसर पर अपने भाषण में आतंकवाद की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई मज़़हब नही होता। ये सारी इन्सानियत के लिए एक धक्का है। इसके दुनिया से खात्मे के लिए लोगो को मिलकर, एकजुट होकर इसका मुकाबला करने की जरूरत है।
सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि मुम्बई हमला एक घृणित व शर्मनाक कृत्य है। ऐसी त्रासदी से समाज मे विद्वेष की भावना फैलती है। जो हमारे स्वच्छ लोकतंत्र के लिए हानिकारक है, जिसमें सभी धर्म व सम्प्रदाय के लोग शामिल है। आतंकवादियों के लिए इस्लाम में तुरन्त सजा देने का प्रावधान हैं। हम सरकार एवं विष्व समुदाय से ऐसे गुनाहगारों को सख्त से सख्त सज़ा दिये जाने की अपील करते हैं।
महिला बीएड प्राचार्या डॉ सपना सिंह राठौड ने कहा कि बीएड छात्राध्यापिकाओं के समूह ने शहीदों को याद कर उनके परिवार के सुखद भविष्य की कामना, मुम्बई हमलों के लोगों के धैर्य की प्रशंसा और शहीदोें के परिवार वालों के हौसले को सलामी दी। श्रद्वांजलि सभा में व्याख्याता गीता शर्मा, रीना गोयल, कांता मिश्रा, प्रमिला गहलोत, ममता सिंह सहित समस्त व्याख्यातागण एवं छात्राध्यापिकाएं उपस्थित थी।