एड्स होना अपराध नहीं,
एड्स रोगी से न करें भेदभाव - खत्री
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर शपथ, जनजागरूकता रैली, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
एड्स होना अपराध नहीं, ये किसी को भी हो सकता है, इसका इलाज सम्भव है, हम सबने ठाना है, विष्व को एड्स मुक्त बनाना है, असुरक्षित यौन सम्बन्ध, एड्स पीडित के उपयोग की गई सिरींज, एड्स पीडित के रक्त के प्रयोग से बचें, एड्स के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करें, अपने पार्टनर के प्रति वफादर रहें, ये छूने से, हाथ मिलाने से, साथ खाने व साथ रहने से नहीं फैलता।
इन संदेशात्मक नारों की हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में लिखी, तख्तियां हाथों में थाम, माई खदिजा इन्स्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साइन्सेज के विद्यार्थियों ने विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को आयोजित रैली में एड्स के प्रति जनजागरूकता का पैगाम दिया। इससे पूर्व नर्सिंग विद्यार्थियों ने एड्स रोगी से भेदभाव न करने तथा एड्स पीडि़त बच्चों व मरीजो को एड्स से लड़ने में मदद करने की सामूहिक शपथ ली।
एड्स विषय की स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता के समारोह में प्रिन्सीपल जितेन्द्र खत्री ने कहा कि इस वर्ष जून माह में मेलबोर्न आस्ट्रेलिया मे यूएन एड्स के बीसवें सम्मेलन में एड्स को वर्ष 2020 तक खत्म करने के लिए “90-90-90” के नाम से नये लक्ष्य निर्धारित किये। इसके अन्तर्गत 90 प्रतिशत एड्स रोगी का पता लगाना, 90 प्रतिशत रोगियों का उपचार करना तथा 90 प्रतिशत ऐसे लोगो का पता लगाना जिन्हें मालूम नहीं कि उन्हें एड्स है।
पोस्टर प्रतियोगिता में बीएसी नर्सिंग की प्रिया वैष्णव, परीना, मारिया खिलजी एवं स्लोगन प्रतियोगिता में समीर टाक, अन्जुम अंसारी, मलायश्री क्रमशः पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। इस अवसर पर मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक, सदस्य रऊफ असंारी एवं मेडिकल एडवाइजर फिरोज अहमद काजी ने रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। प्रतियोगिता संयोजक श्रीकान्त नायर ने कहा कि निर्णायक की भूमिका इमरान अली, राजूराम परिहार, गिरीश सिंह, वाजिद ईलाही ने निभाई तथा विशेष सहयोगी चन्दन, मीना, अबरार अहमद, राजेन्द्र प्रसाद, आमिर अली, विक्रम सिसोदिया, फराहना, आभा गुप्ता, अभिषेक, विक्रम रावल, भोमाराम, अल्लानूर, सुनिल व सुल्तान खान रहे। पूर्व में तिलावते कुरान मारिया खिलजी ने किया। संचालन इमरान अली ने किया।