जमीअत अहले हदीष की ओर से पेशावर के शहीद बच्चों की
नमाज़े-जनाज़ा पढी गई
जमीअत अहले हदीष राजस्थान की ओर से पिछले 16 दिसम्बर को पेशावर में जिन बच्चों की आतंकवादियों द्वारा हत्या की गई थी, उनकी गायबाना नमाज़े-जनाज़ा पढी गई । इस मौके पर जोधपुर की सभी अहले हदीष मस्जिदों में उन शहीद बच्चों के लिये जन्नत नसीब होने की और उनके घरवालों के लिये सब्र की दुआ भी की गई।
आज शहर की अहले हदीष मस्जिदों में सभी इमामों ने जमीअत के अमीर अब्दुर्रहमान खिलजी का संदेश पढकर सुनाया । उन्होंने कहा कि इस्लाम हर किस्म की आतंकवादी कार्रवाइयों का सख्ती से विरोध करता है । मस्जिद तेलियान के इमाम असदुल्लाह खान नदवी ने जुमे की नमाज़ से पहले अपने खुत्बे में कहा कि जिसके हाथ व ज़बान से अगर किसी को कोई तकलीफ पहुँचती है वो व्यक्ति मुसलमान नहीं है । उन्होंने यह भी कहा कि भारत में मुसलमान पूरे अमनो-अमान के साथ रहते हैं, जो कोई व्यक्ति इस देश की शान्ति को भंग करने की कोशिश करता है उसकी हमारी जमीअत उसकी कडे शब्दों में निन्दा करती है । उन्होंने देश में अमन चैन कायम रहे, इसके लिये खास तौर पर दुआ की ।
जमीअत के अमीर अब्दुर्रहमान खिलजी ने अपने संदेश में नौजवानों से आहवान किया कि इण्टरनेट का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिये करें, बिना खोजबीन किये किसी की बात पर भरोसा न करें । फेसबुक और ट्विटर पर बिन सोचे-समझे "लाइक' करने से बचें; आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट को आगे "फॉरवर्ड' न करें । उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग जिहाद के नाम पर बेगुनाहों का कत्ल कर रहे हैं और उन्हें बरगलाकर अपने साथ जोडने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे सावधान रहें । ये लोग फासिद (उपद्रवी) हैं और वे अपनी गलत और नापाक हरकतों से इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं ।