इनोवेटिव शिक्षा से ही मेक इन इन्डिया का सपना साकार - अंसारी
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सदस्य एम.एम. अन्सारी ने दिया ‘आधुनिक शिक्षा‘ पर व्याख्यान
आज के दौर में हमारा भविष्य नोलेज, क्वालिटी एज्यूकेशन व प्रेक्टिकल नोलेज से प्रभावित होता है। शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को उनके शौक और स्किल (कौशल) के अनुसार शिक्षा दें ताकि उनका बहुआयामी विकास हो सके।
ये कहना है विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के सदस्य एम.एम.अन्सारी का। अन्सारी, कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के सभागार में ‘आधुनिक शिक्षा‘ पर आयोजित समारोह मे छात्र-छात्राओं को व्याख्यान दे रहे थे। अन्सारी ने कहा कि आज सरकार का नारा है मेक इन इंडिया अर्थात् देश के समस्त समुदायों एवं वर्गो के लोगों को इनोवेटिव (नवाचार) शिक्षा, नई सोच, ऊर्जा एवं विकास के नये विचारों के साथ जुडकर, देश को विकसित बनाने में अपना योगदान देना होगा। हमें इस लोकतांत्रिक देश में अपने अधिकारों को पहचानकर, उनका प्रयोग करते हुए, अपनी जिन्दगी को संवारना होगा।
मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सेासायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने सोसायटी परिचय देते हुए कहा कि हमारी संस्थान की कोशिश है कि गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा, दिलवाकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जा सके। मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार राजिक वदूद ने एम.एम. अन्सारी का जीवन परिचय दिया। जमीयत उलेमा ए हिन्द मुम्बई के वाहिद खत्री ने मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की स्थापना को मील का पत्थर बताते हुए इसे आने वाली पीढियों के बेहतर कैरियर स्त्रोत केन्द्र कहा।
यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ गुलाम रब्बानी, रजिस्ट्रार ओपी बोहरा एवं हाजी अबादुल्लाह करैशी ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में दिल्ली दरबार होटल समूह के संस्थापक जाफर गुलाम मंसूरी, हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, शब्बीर अहमद खिलजी, फजलुर्रहमान, हाजी इस्हाक खां, नजीर खां, रऊफ अंसारी, फिरोज अहमद काजी, हारून खां, बाबू खां शेख, मोहम्मद रफीक सहित कई गणमान्य लोग एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। तिलावते कुरान मोहम्मद असलम ने किया। स्ंाचालन मोहम्मद इकबाल चुंदडीगर ने किया। आभार सोसायटी अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने दिया।