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राजस्थानी भाषा की मान्यता के समर्थन में दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर मौलाना आजाद विवि के 70 सदस्यों ने दिया धरना

May 07, 2015

जोधपुर 07 मई। राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए बुधवार 6 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए राष्ट्रीय धरने को समर्थन देने के लिए मौलाना आजाद विष्वविद्यालय जोधपुर के 70 सदस्य शामिल हुए।

मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेषनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने बताया कि देष की आजादी में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राजस्थानी पूर्वजों की भाषा को आजादी के 68 वर्षों बाद भी मान्यता नहीं मिल पाई है। हमारी ये कोषिष है कि धरने के माध्यम से केन्द्र सरकार, हमारी भाषा की इस महत्ता को समझें। सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य एवं वक्फ बोर्ड़ ऑफ राजस्थान के पूर्व चेयरमैन शौकत अंसारी ने कहा कि राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवी अनुसूची में सरकार शीघ्र शामिल केरें ताकि प्रदेष में रोजगार के द्वार खुलें तथा षिक्षा, नौकरी, पर्यटन, संस्कृति एवं साहित्य में राजस्थानी की मांग बढ़ें।

धरने के दौरान राजस्थानी भाषा मान्यता समिति के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह एवं गृहराजमंत्री किरण रिजिजू को राजस्थानी भाषा की मान्यता की मांग का ज्ञापन सौंपा।
विवि का दल पांच मई की शाम जोधपुर से राजस्थान सम्पर्क क्रांन्ति ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुआ और सात मई को दिल्ली से जोधपुर की मण्डोर ट्रेन से लौटा। इस दल में सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य शौकत अंसारी, मोहम्मद अतीक, हनीफ लोहानी, रऊफ अंसारी, निसार अहमद खिलजी, फिरोज अहमद काजी, साबिर कुरैषी, सलीम अहमद, रामप्रकाष जाखड़, शहाबुद्दीन खान, वाजिद शेख, मोहम्मद इकबाल चंदड़ीगर, डॉ. अब्दुल्लाह खालिद, चिन्मय जोषी, एस.आर.अहमद, मोहम्मद शरीफ, राम प्रकाष, मोहम्मद मोहसिन, मोहम्मद जावेद अनवर हुसैन अब्बासी सहित प्रदेष भर से आये राजस्थानी भाषा प्रेमी, जनप्रतिनिधि, अनेक षिक्षक व विद्यार्थी सम्मिलित हुए।