खुदा की सम्पत्ति है वक्फ जायदाद - वक्फ मंत्री राठौड़
‘वक्फ़ सम्पत्तियों के विकास के माध्यम से अल्पसंख्यकों का शैक्षिक उत्थान‘ विषयक
सेमीनार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ के मुख्य अतिथ्य में सम्पन्न
जोधपुर 07 जून। प्रदेश के वक्फ मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय नाइंसाफी के दौर से गुज़रा है उन्होंने राजेन्द्र सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आजादी के छः दशक गुजर जाने के बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय का देश की नौकरशाही (ब्यूरोक्रेशी) में 2.6 प्रतिशत, बीस वर्ष तक के स्नातक उत्तीर्ण युवाओं का 4 प्रतिशत एवं छः से तेरह वर्ष के बच्चों की शिक्षा का 14 से 15 प्रतिशत अनुपात बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं वक्फ मंत्री राठौड़ रविवार को कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘वक्फ़ सम्पत्तियों के विकास के माध्यम से अल्पसंख्यकों का शैक्षिक उत्थान‘ विषयक सेमीनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के विकास एवं उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम से जुड़ने की बात कहीं। साथ ही मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन चलने वाले आईटीआई, नर्सिंग, फार्मेसी, बीएड़, बीएसटीसी, मौलाना स्कूल एवं मारवाड़ मुस्लिम आदर्ष गौशाला में चल रहे कार्यो की प्रशंशा की।
उन्होंने प्रदेश की 17 हजार से अधिक वक्फ सम्पत्तियों का सर्वे, सुरक्षा एवं विकास करने की बात कही। इस शैक्षिक संस्थान के निरन्तर विकास को देखते हुए कहा कि इसी तरह के अन्य संस्थानों के प्रयासों से अब शीघ्र ही राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे जी के पन्द्रह लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने का सपना पूरा हो जायेगा। वर्ष 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत द्वारा फिरोज खान मेमोरियल गर्ल्स स्कूल के उद्घाटन के दौरान अपने जोधपुर दौरे के संस्मरणो को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्था सामाजिक समरसता-साम्प्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय सौहार्द्ध एवं अनेकता में एकता का प्रतीक है।
उन्होने वक्फ सम्पत्ति (जायदाद) को खुदा की सम्पत्ति बताते हुए पूर्व वक्फ बोर्ड चैयरमेन शौकत अंसारी को हवाला देते हुए कहा कि मैं दोबारा जोधपुर आऊंगा और जोधपुर की 380 वक्फ सम्पत्तिया, डिक्री सम्पत्ति तथा वक्फ सम्पत्ति पर बसी शहर की छः कॉलोनिया की आधारभूत समस्याओं, उनकी सुरक्षा एवं विकास पर विस्तार से चर्चा करूंगा। सेमीनार में आने से पूर्व माननीय राठौड़ ने सोजती गेट स्थित वक्फ सम्पति “तकिया चांदशाह” एवं सोसायटी के संस्थानों का अवलोकन भी किया। लोकसभा सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की निरन्तर प्रगति को देखते हुए क्वान्टिटी के साथ, क्वालिटी एज्यूकेशन देने की बात कहीं।
सोसायटी महासचिव मोहम्म्द अतीक ने अतिथियों द्वारा दिये गये सुझावों को अम्ल मेें लाने की बात करते हुए कहा कि सेमीनार का मकसद यह है कि राजस्थान वक्फ बोर्ड की आय बढे़ और वक्फ बोर्ड घाटे से उबर सके तथा इसकी आय अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षा व आर्थिक उत्थान में लग सके। पूर्व वक्फ बोर्ड चेयरमैन शौकत अंसारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ये संस्थान देश के पुनर्निमाण में लगी हुई है इस निर्माण की गति को और तेज किया जायेगा।
इस मौके पर वक्फ मंत्री ने ‘मौलाना आजाद इन्स्टिट्यूट ऑफ फॉर्मेसी की फार्मेसी लेब‘ एवं ‘मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेन्ट ऑफ कम्प्यूटर साइन्स के कम्प्यूटर सेन्टर‘ का उद्घाटन किया और राजस्थान वक्फ बोर्ड द्वारा प्रकाषित स्मारिका ‘पयामे वक्फ‘ का विमोचन भी किया तथा फिरोज खान गर्ल्स स्कूल की छात्रा सालेहा को राष्ट्रपति गाइड अवार्ड प्राप्त करने के उपलक्ष में सम्मानित किया।
प्रदेशस्तरीय इस सेमीनार में राजस्थान वक्फ बोर्ड सीईओ अबु सुफियान चौहान, महापौर घनश्याम ओझा, शहर विद्यायक कैलश भंसाली, डॉ महेन्द्र सिंह राठौड, मेघराज लोहिया, हाजी हमीम बक्ष, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेन्ट डॉ हामिद अली खान, डॉ. गुलाम रब्बानी, हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, शब्बीर अहमद खिलजी, नजीर खान, हाजी इस्हाक, फजलुर्रहमान, मोहम्मद इस्माईल, मोहम्मद अली चुंदडीगर, अब्दुर्रहमान खिलजी, हनीफ लोहानी, रऊफ अन्सारी, सलीम खिलजी, फिरोज काजी, निसार खिलजी, मोहम्मद साबिर, जकी अहमद, बीजेपी के नईम सिलावट, रफीक बुन्दू, सनवर अब्बासी, अन्य सदस्यगण, जोधपुर, जयपुर, पाली सहित कई इलाकों के अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, सोसायटी पदाधिकारी, समस्त संस्थानो के संस्थानप्रधान, विध्यार्थी एवं आमजन उपस्थित थे। पूर्व में तिलावत कुरान एवं ‘अल्पसख्यंक छात्रवृति की संख्या बढ़ाकर इसका लाभ समस्त अल्पसंख्यकों को मिलें‘ विषय पर भाषण छात्र हाफिज अब्दुल मजीद व मौलाना आजाद महिला बीएड़ छात्रा गरिमा वर्मा ने सोसायटी का परिचय दिया। संचालन मोहम्मद इकबाल चुंदडीगर ने किया।