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इस्लाम़ और योग, इबादत और कसरत दो रूप - खान

June 19, 2015

इस्लाम़ और योग, इबादत और कसरत दो रूप - खान
मुस्लिम राष्ट्रीय मचं नई दिल्ली की ओर से प्रकाशित ‘योग और इस्लाम‘ पुस्तक का हुआ विमोचन

जोधपुर 19 जून। जिस प्रकार इस्लाम में पाकी, वुजू, नमाज और इबादत की जि़न्दगी में बड़ी महत्ता है उसी प्रकार योग भी स्वस्थ जीवन के लिए बहुत लाभदायक है। ये कहना है, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक फारूक अहमद खान का।

खान, मुस्लिम राष्ट्रीय मचं नई दिल्ली की ओर से ‘योग और इस्लाम‘ शीर्षक से प्रकाशित, पुस्तक के विमोचन के अवसर पर, शुक्रवार को कमला नेहरू नगर स्थित मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी परिसर में श्रोतागणों को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के अनुसार योग गैर इस्लामिक नहीं है, योग का उद्देश्य हिन्दू धर्म का प्रचार नहीं, नमाज भी एक तरह का योगासन है, योग का संदेश खुश रहना और खुशिया बांटना है। खान ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है। जिसका 46 मुस्लिम राष्ट्रों ने समर्थन किया है। इक्कीस जून को भारत व पाकिस्तान सहित सभी मुस्लिम देशो में भी योग दिवस मनाया जायेगा इसमें स्वस्थ मस्तिष्क, स्वस्थ शरीर, ‘सबका साथ सबका विकास‘ तथा स्वच्छता व पाकीज़़गी का संदेश भी है।

मुख्य अतिथि लूणी विधायक जोगाराम पटेल ने कहा कि योग को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए उन्होने पाकिस्तान के योगी शमसाद का हवाला देते हुए कहा कि कोई चाहे तो हिन्दू मंत्रोचारण के स्थान पर वो अपने धार्मिक शब्दों का उच्चारण कर सकता हैं। उन्होने इस पुस्तक के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को धन्यवाद दिया तथा रमजान के पहले रोजे ओर पहले जुम्मे के चयन के लिए फारूक अहमद खान, तलत बारी एड़वोकेट, उनकी टीम एवं मौलाना आजाद संस्थान द्वारा दिये गये सहयोग की प्रशंशा की।

विशिष्ट अतिथि बीजेपी जिलाध्यक्ष देवेन्द्र जोशी ने ‘योग और इस्लाम‘ पुस्तक की सराहना की और कहा कि योग के सम्बन्ध में किसी को भी किसी प्रकार का भ्रम नहीं रखना चाहिए। योग किसी धर्म विशेष का नहीं है ये मानव जीवन के कल्याण की तरफ ले जाने वाला रास्ता है। उन्होने कहा कि ‘योग और इस्लाम‘ किताब से सभी प्रकार के भ्रम दूर हो गये हैं।

अध्यक्षता करते हुए जोधपुर शहर विधायक कैलाश भंसाली ने अपने उद्बोधन में बताया कि योग और स्वच्छता, जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है, सभी को जीवन में इसका उपयोग जरूर करना चाहिए। सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संस्थान में योग दिवस का आयोजन किया जायेगा ताकि विध्यार्थियेां को इसकी महत्ता मालूम कराई जा सके।

आभार प्रकट करते हुए पूर्व वक्फ बोर्ड चेयरमैन शौकत अंसारी ने कहा कि योग किसी धर्म विशेष से जुड़ा नहीं है यह व्यायाम की एक विधा है उन्होंने स्वंय द्वारा योग से लाभांवित होने की बात कहीं और कहा कि भेदभाव छोड़कर सभी समुदायों को योग करना चाहिए। अंत में ‘योग और इस्लाम‘ पुस्तक का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। समारोह में एड़वोकेट अदब अहमद खान, पूर्व पार्षद गिरीश माथुर, मंच के सम्भाग संयोजक नौशाद अंसारी, सहसंयोजक अब्दुल नईम सिलावट, गुलजार अहमद, सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी, मोलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. हामिद अली खान, रजिस्ट्रार ओपी बोहरा, फिरोज अहमद काजी, रऊफ अंसारी, मनीष माथुर, मुज़ीब अहमद काजी, अयाज अहमद, मोहम्मद सादिक फारूकी, शहबाज खान, मुस्लिम समाज के गणमान्य व्यक्ति एवं आमजन उपस्थित थे। संचालन एड़वोकेट तलत बारी ने किया। सभी ने आमद ए रमज़ान की एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।