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बच्चों की समस्याओं का करें निराकरण - पंवार

June 29, 2015

बच्चों की समस्याओं का करें निराकरण - पंवार
‘शिक्षण में गुणवत्ता का विकास‘ विषयक दो दिवसीय कार्यशाला शुरू
जिला शिक्षा अधिकारी सैकेण्डरी बह्मपाल सिंह चौहान एवं शाइर शीन काफ निज़ाम के हाथों होगा समापन

जोधपुर 29 जून। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक प्रभुलाल पंवार ने कहा कि बच्चों की समस्याओं को समझकर उनका निराकरण करें। उन्हें समान रूप से मोटिवेट करें, आस-पास के वातावरण, व्यवहार व अनुशासन की जानकारी दें।

पंवार, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित शिक्षण संस्थाओं में ‘शिक्षण में गुणवत्ता का विकास‘ विषयक दो दिवसीय सोमवार को आयोजित शैक्षिक कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि समस्त शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शमीम मोहम्मद ने कहा कि हर टीचर को अपने सब्जेक्ट में मास्टरी होनी चाहिए। टीचर को प्रिन्सीपल के जरिये समय-समय पर अवलोकन कर कमिया और सुझाव देने चाहिए। उन्होनें रूचिकर तरीके से पढाने, ब्लेक बोर्ड का प्रयोग करने, सब्जेक्ट के हार्डकोर पर बात करने तथा पढाने की कई विधियों के बारें में बताया।

हिन्दी विषय के विशेषज्ञ नन्द किशोर यादव ने कहा कि बच्चों को इस तरीक से पढायें की उनको समझ में आ जाये। बच्चों में संकल्प और कल्पना पैदा कर, उनसे आत्मीयता बढायें। शिक्षाविद् बीएल जाखड़ ने कहा कि बच्चों को अपने अनुभव से जोड़े, क्योंकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया निरन्तर हो रही है तो उनका मूल्यांकन भी निरंतर होना चाहिए। उन्होनें अधिगम सहायक, साथी समूह सहित लर्निंग प्रोसेस के कई तरीके बताये। गणित विषय के विशेषज्ञ एम.एन.राय ने गणित के प्रतिदिन के टॉपिक को पूरी तैयारी के साथ कक्षा में रोचक तरीके से सीखाने व छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं का जवाब देने की बात कही।

अंग्रेजी भाषा के विशेषज्ञ ओमसिंह सोलंकी ने कहा कि टीचर बनने के लिए बहुत माद्दा चाहिए। अंग्रेजी भाषा मुश्किल नहीं है सिर्फ निरन्तर प्रेक्टिस के जरिये ही इसे सीखा जा सकता है। भाषा सुनकर जल्दी सीखी जा सकती है। पढाते समय सही सुनना जरूरी है बच्चों की सुनने की शक्ति तेज कीजिये। उन्होने अंग्रेजी को बेहतर बनाने के लिए लर्निंग, रीडिंग, राइटिंग पर कडी मेहनत करने को कहा। वाणिज्य विषय के विशेषज्ञ प्रकाश पारिक ने कहा कि शिक्षण में सुधार के लिए मेनेजमेंट, टीचर, स्टूडेन्ट, सोसायटी व पेरेंट्स सहित सभी पक्षकारों को जोड़कर इसकी कमियों को दूरकर, शिक्षण को खूबसुरत बनाया जा सकता है। रिटायर्ड प्रिन्सीपल कैलाश बाबू सैन ने देश की साक्षरता प्रणाली की ज्वलंत समस्या क्लालिटी एज्यूकेशन पर कहा कि शिक्षा में गुणात्मकता, शिक्षण में गुणात्मकता की सहायता से ही लाई जा सकती है।

कार्यशाला प्रभारी निसार मोहम्मद ने सोसायटी के अधीन चलने वाले शैक्षिक एवं कल्याणकारी संस्थाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्यषाला का मकसद, विषय विशेषज्ञो के दिये गये मार्गदर्शन से, सभी अध्यापकों के षिक्षण की गुणवत्ता में विकास करना है।

सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने सरकारी एवं विभिन्न क्षेत्रो की निजी नौकरीयों में लगे विध्यार्थियों तथा वर्तमान शैक्षिक प्रगति एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। संस्थान के अकादमिक ऑफिसर बाबू खान शेख ने कार्यशाला का उद्देष्य एवं क्वालिटी एज्यूकेशन पर रोशनी डाली। अंत में संवाद कार्यक्रम हुआ तथा सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन दीनयात प्रभारी मौलाना शाहिद हुसैन नदवी ने किया। कार्यशाला में मौलाना आजाद यूनिवर्सिर्टी के रजिस्ट्रार ओपी बोहरा एवं समस्त संस्थानों के संस्था प्रधान, प्रिन्सीपल एवं समस्त शिक्षकगणों ने भाग लिया। कार्यशाला का समापन मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी सैकेण्डरी बह्मपाल सिंह चौहान मुख्यअतिथि, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा प्रेमचन्द सांखला विशिष्ट अतिथि एवं साहित्य अकेड़मी दिल्ली के कन्वीनर, उर्दू एकेडमी जयपुर के पूर्व वाइस चेयरमेन रह चुके अन्तर्राष्ट्रीय मशहूर शाइर व आलोचक शीन काफ निज़ाम के हाथों किया जायेगा।