Home > Latest News / टीचर विध्यार्थियों के अभिभावक व पथ प्रदर्शक बने - सांखला

टीचर विध्यार्थियों के अभिभावक व पथ प्रदर्शक बने - सांखला

June 30, 2015

टीचर विध्यार्थियों के अभिभावक व पथ प्रदर्शक बने - सांखला
‘शिक्षण में गुणवत्ता का विकास‘ विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन

जोधपुर 30 जून। अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा प्रेमचन्द सांखला ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर कहा कि आप बच्चों के साथ टीचर, अभिभावक व पथ प्रदर्शक बनें। सांखला, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित शिक्षण संस्थाओं में ‘शिक्षण में गुणवत्ता का विकास‘ विषयक दो दिवसीय कार्यशाला के समापन के अवसर पर मंगलवार को बतौर विशिष्ठ अतिथि समस्त शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होने कहा कि आप विध्यार्थी को सीखाने के लिए उसके लेवल पर आकर सीखायें। उसके मनोयोग से बात करें। कक्षा में सभी स्तर के छात्र-छात्राओं को समान अवसर दे चाहे बुद्धिमान हो या कमजोर, चाहे वो किसी भी परिवेश का हो।

बतौर मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी सैकेण्डरी ब्रह्मपाल सिंह चौहान ने सामाजिक विज्ञान विषय को पढाने की सक्रिय क्रियाओं को बताते हुए कि हर क्रिया में छात्रों की सहभागिता होनी चाहिए। समाजिक व्यवस्था, कुरीतियों, वर्तमान सरकार उपलब्धियां, कमिया, इतिहास, वर्तमान, भविष्य, पर्यावरण, संस्कृति, खेल आदि समस्त क्षेत्रों में विध्यार्थियों का ज्ञान बढें इन विषयों पर बात करें। तभी सामाजिक विज्ञान विषय में छात्र-छात्राओं की रोचकता बढेंगी।

शिक्षाविद् बीएल जाखड़ ने अपनी मोटिवेशनल स्पीच में कहा कि विध्यार्थी तक पहुंचकर अपनी बात समझा देना ही अन्तिम लक्ष्य होना चाहिए। स्किल्स को इफेक्टिव बनायें। विध्यार्थियों के साथ आपका आई कॉन्टेक्ट बना हुआ होना चाहिए ताकि हर विध्यार्थी को लगे कि मुझे महत्ता दी जा रही है। उन्होनें बदलापुर, चक दे इण्यिा, तारे जमी पे, फिल्मों का उदाहरण देते हुए बताया कि खेल हो चाहे शिक्षा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आखरी सांस तक कोशिश करनी चाहिए। विज्ञान विषय विशेषज्ञ बाबू सिंह ने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण करायें। एक टीचर अच्छे शिक्षण के लिए योजना बनायें, क्रियान्विति करें, अपनी पढाई का निष्कर्ष निकालें, प्रश्नोंत्तरी, प्रयोग व परियोजना विधि अपनायें तथा अनुभव, चिन्तन, उपयोगिता का प्रयोग करते हुए विध्यार्थी व शिक्षक के बीच बेहतर सम्बन्ध स्थापित करें।

अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ गिरधारी सिंह ने कहा कि अच्छा टीचर वहीं है जो बेस्ट लर्नर है। इस वर्कशॉप का आयोजन भी शिक्षको के सीखने के लिए किया गया है। बच्चें टीचर से एक्ट्रेक्ट करें। ग्रामर व हैण्ड राइटिंग की प्रेक्टिस करायें। कम्प्यूटर व प्रोजेक्टर के माध्यम से भी सीखाएं। इंग्लिश न्यूज सुने, इंग्लिश न्यूजपेपर पढे़। संस्थान के अकादमिक ऑफिसर बाबू खान शेख ने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर पढाई जाने वाली अंग्रेजी भाषा ज्ञान को आस’-पास की चीजों से जोड़ते हुए बताया। उन्होने बच्चों से इंग्लिश में बात करने की बात कहीं। छात्र-छात्राओ की विशिष्ठताओं व अभिव्यक्ति को बढाने को कहा। 

मौलाना आजाद यूनिवर्सिर्टी के रजिस्ट्रार एवं गणित विषय के पूर्व अध्यापक ओपी बोहरा ने कहा कि गणित विषय को लोगो ने मुश्किल कहकह कर, मुश्किल कर दिया है। गणित मुश्किल नहीं है बल्कि गणित को समझने के लिए दी जा रही हिन्दी-इग्लिस भाषा ज्ञान मुश्किल है इसे दुरूस्त किया जाये ताकि गणित विषय और आसान बन सकें।

अंत में सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने सभी शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कैम्पस में शीघ्र ही तीन महिने का अंग्रेजी भाषा सीखने का वर्कशॉप शुरू किया जायेगा और इसकी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी शिक्षकों के वेतन में एक हजार रूपये की वृद्धि की जायेगी। साथ ही उन्होंने सभी शिक्षकों को कम्प्यूटर ज्ञान के लिए शरिआ बैंक से आसान किस्तों पर कम्प्यूटर उपलब्ध करवाये जाने की बात भी कही।
दुआ एवं धन्यवाद नायब काजी आबिद अली ने दिया। संचालन दीनयात प्रभारी मौलाना शाहिद हुसैन नदवी ने किया। पूर्व तिलावत ए कुरान एवं अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यशाला में समस्त संस्थानों के संस्था प्रधान, प्रिन्सीपल एवं समस्त शिक्षकगणों ने भाग लिया।