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दारूल उलूम इस्हाकिया के सरबराहे आला (चैयरमेन) बने हाजी मोईनुद्दीन

November 16, 2013

जोधपुर 16 नवम्बर 2013। दारूल उलूम इस्हाकिया ट्रस्ट, अशफाकिया इन्स्टीट्यूट, अशफाकिया होस्टल एवं मदरसा फातिमातुज्जहरा के मेम्बरों (सदस्यों) की सैयद हाजी इमदाद अली साहब की सदारत में शनिवार को  सदर  के निवास स्थान पर एक ताजियती मीटिंग (बैठक) हुई। मीटिंग में तमाम मेम्बरों ने सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया कि मुती ए आजम राजस्थान मुती अशफाक हुसैन नईमी रहमतुल्लाहि अलैहि के साहबजादे (पुत्र) हाजी मोईनुद्दीन अशरफी को दारूल उलूम इस्हाकिया ट्रस्ट, अशफाकिया इन्स्टीट्यूट, अशफाकिया होस्टल एवं मदरसा फातिमातुज्जहरा का सरबराहे आला (चैयरमेन) बनाया जाता है और दारूल उलूम इस्हाकिया के सदरे मुदर्रिस  मुती ए आजम राजस्थान मुती शेर मोहम्मद खान रिजवी रहेंगे।

दारूल उलूम इस्हाकिया के संयोजक मोहम्मद हुसैन अंसारी ने बताया कि इस ताजियती मीटिंग में सेक्रेट्री हाजी अब्दुल मुनाफ, कोषाध्यक्ष हाजी मोहम्मद रमजान, अल्हाज मोहम्मद कासिम कश्मीरी, दिल्ली के अल्हाज सेठ लाल मोहम्मद, नागौर बासनी के मुती वली मोहम्मद, हाफिज मोहम्मद अकबर, हाफिज मोहम्मद सईद बासनी, मौलाना मोहम्मद अकबर, मौलाना मेहबूब हुसैन, हाफिज अब्दुल कादिर, राजस्थान मदरसा बोर्ड चेयरमैन मौलाना फज्ले हक कोटवी, वकील आगा खां, सैयद मोहम्मद जाकिर, हाजी मोहम्मद अयूब और मोहम्मद यूसुफ कुरैशी ने षिर्कत की।