Home > Latest News / घबरायें नहीं, ज़ालिमों का करें मुकाबला - उम्मे कुलसुम

घबरायें नहीं, ज़ालिमों का करें मुकाबला - उम्मे कुलसुम

December 16, 2013

दिल्ली गैंग रेप घटना में शहीद हुई देश की बहादुर बेटी “निर्भया” को
मदरसा क्रिसेन्ट स्कूल की बच्चियों की ओर से दी गयी श्रद्धांजली

जोधपुर 16 दिसम्बर। एक वर्श पूर्व सोलह दिसम्बर को दिल्ली गैंग रेप घटना में शहीद हुई देश की बहादुर बेटी “निर्भया” को मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित कमला नेहरू नगर स्थित मदरसा क्रिसेन्ट पब्लिक स्कूल की छात्राओं की ओर से सोमवार को श्रद्धांजली दी गई। लड़कियों ने दिल्ली, गुजरात, मुजफ्फरनगर, पूणे, जोधपुर सहित पूरे देश में हुई बलात्कारी रूपी घटनाओं की निंदा की। उन्होंने सोलह दिसम्बर 2012 को देश के लिए काला दिन बताते हुए, “देश की बेटी निर्भया को सलाम”, “16.12.12 ब्लैक डे ऑफ़ नेशन”, “बेटी बचाओ-देश बचाओ”, “बेटी एक अनमोल धरोहर है”, “वी वान्ट फास्ट जस्टिस”, “वी वान्ट सेफ्टी एण्ड रेस्पेक्ट”, “जो ड़रती नहीं वो हैं निर्भया”, “बलात्कारी को फांसी दो”, “बेटी बचाओ-देश बचाओ”, “स्टॉप रेप”, “हेंग द रेपिस्ट”, “पिता का गौरव-मा का सम्मान हैं बेटी”, “देश का भविश्य है बेटिया”, “हमें इन्साफ चाहिए”, “लड़कियां हैं देश की शान-इनका मत करों अपमान” “देश की बेटिया अगर नाशद (मायूस) है तो क्या देश आज़ाद है”, सरीखी संदेश की तख्तियें और राष्ट्रिय ध्वजों को हाथों में थामें, मोमबत्तियों की लौं के साथ नम आंखों से निर्भया को सलामी दी।
स्कूल प्रिन्सीपल उम्मे कुलसुम ने कहा कि हमें देश की परम्पराओं का निर्वाह करते हुए, बच्चियों को बेहतरनी तालीम और बुनियादी संस्कार देने होंगे तथा जिन्दगी में कभी घबरायें नहीं और हर मुश्किल पर जालिमों का डटकर मुकाबला करने की सीख बेटियों को देनी होगी। इस अवसर पर बेटी बचाओं, बेटी पढाओं का संदेश भी देश के लोगों को दिया गया। श्रद्धांजली में कार्यक्रम अधिकारी एजे खान, स्कूल कंट्रोलर फारूक अहमद, शीरीन, अफ्सा, बबीता, किरण, चिन्मय जोशी, आरिफा, अलीफ, पूनम, सुरैय्या, जावेद, जैबा, शहाना, हुस्ना, रशमी, गज़ाला, बसरा, राखी, भगवती, तब्स्सुम, शबाना, यास्मीन सहित समस्त अध्यापकगणों एवं विद्यार्थियों ने शिरकत की।