डॉ. कलाम के सपनों से देश को सिरमौर बनाने का लिया संकल्प
इण्डिया विजन ‘2020‘ को मानव श्रृंखला से किया साकार
जोधपुर 01 अगस्त। देश के ग्यारवें राष्ट्रपति मरहूम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि ‘सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो हैं जो आपको नींद ही नहीं आने दे‘। उन्होंने कहा था कि ‘ज्ञान के पीछे भागो‘, ‘छोटी सोच अपराध है‘, ‘बस काम ही करते रहो‘, ‘नई सोच का दुस्साहस दिखाओ‘ और ‘बुराई घर से खत्म करो‘।
डॉ. कलाम सन् 2020 तक भारत को भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र बनाना चाहते थे। बच्चों से कहा करते थे कि वह भ्रष्टाचार को खत्म करने की शुरूआत घर से करें। डॉ. कलाम के इसी मिशन ‘2020‘ को कमला नेहरू स्थित ‘मदरसा मौलाना आजाद अपर प्राइमरी स्कूल‘ के छात्र-छात्राओं ने शनिवार को मानव श्रृंखला के रूप में उकेरकर साकार किया। तथा मरहूम कलाम की तस्वीर के साथ ‘हम पूरा करेंगे कलाम का सपना‘ को पेशकर, देश को हर क्षेत्र में कड़ी मेहनत से दुनिया के सामने सिरमौर बनाने का संकल्प लिया।
स्कूल प्रिंसीपल अब्दुल वहीद बैलिम ने अपने सम्बोधन में कहा कि कलाम का जीवन दर्शन था कि मैं सबसे अच्छा हूं, मैं चैंपियन था और हूं, मैं यह कर सकता हूं और आज का दिन मेरा है। उन्होेेंने कहा कि कलाम का कथन था, कि आदमी अपने अनुभवों से सीखता है और अनुभव निर्णय लेने से आते है, इसलिए हमेशा पॉजीटिव सोचो। इस मौके पर मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि मरहूम मिसाइल मैन एक महान वैज्ञानिक और आखरी दम तक शिक्षक थे। वे हमेशा युवाओं को अपने सम्बोधन में कहा करते थे कि ‘इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं‘।
वे कहा करते थे कि मुश्किलें हमेशा खुद को परखने का मौका देती हैं, मुश्किलें जिन्दगी का हिस्सा है और तकलीफें कामयाबी की सच्चाईयां है। ....... काश! हर हिन्दुस्तानी के दिल में जलती हुई लौ को पर लग जाएं और उस लौ की परवाज से सारा आसमान रोशन हो जाए। उन्होंने कहा कि कलाम के सपने को पूरा करने के लिए ईमानदार, सेल्फडिसीप्लीन और कोशिश करने वाले बनो और खूब किताबे पढ़ो।
इस संकल्प कार्यक्रम में मौलाना आजाद बीएसटीसी की प्रिंसीपल जेबा नाज, व्याख्याता फरहा मेहर, मौलाना आजाद महिला बीएड़ कॉलेज की व्याख्याता रीना गोयल एवं मदरसा मौलाना आजाद अपर प्राइमरी स्कूल के पीटीआई शहनवाज खाान, शेर बानो, मोहम्मद आरिफ, तब्बसुम, शहबाज नदवी, नसरीन, सुमेर खान सहित समस्त शिक्षकगण एवं विध्यार्थियों ने शिर्कत की।