‘परिवर्तित बी.एड़ पाठ्यक्रम की सार्थकता‘ विषयक अन्तर महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
पीपाड टी.टी. काॅलेज की मंजू ने पक्ष में कहा कि दो वर्षीय बी.एड पाठ्यक्रम की समयावधि बढ़ाने से ज्यादा समग्रता, कौशल को बढावा व शिक्षण की गुणवत्ता का विकास होगा। वहीं विद्याश्रम टी.टी. काॅलेज के अजय बुन्देला ने विपक्ष में कहा कि शिक्षक बनने के लिए हमें कौशल को बढाने वाले कोर्स की आवश्यकता है उसकी समयावधि बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है और मौलाना आजाद मुस्लिम टी.टी. काॅलेज के सुखदेव पुरी ने पक्ष में कहा कि किसी भी विषय को पढ़ाने के लिए समय आवश्यक है और इस नये पाठ्यक्रम में कई नये विषयों का अध्यापन कराया जायेगा।
मौका था, देश के प्रथम शिक्षा मंत्री ‘मौलाना अबुल कलाम आजाद‘ की स्मृति में कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आज़ाद मुस्लिम टीचर्स ट्रैनिंग काॅलेज में शनिवार को आयोजित ‘परिवर्तित बी.एड़ पाठ्यक्रम की सार्थकता‘ विषयक अन्तर महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का। प्रतियोगिता में प्रमिला विश्नोई, मोनिका छंगाणी, राजेन्द्र चारण, हरीश सुन्देशा, हिना बानो, हुक्माराम, इंसाफ अली, अशोक कुमार, खुमाराम, पिन्टू टाडा, महेन्द्र कुमार, सोमराज विश्नोई सहित समस्त प्रतिभागियों ने पक्ष-विपक्ष में अपने-अपने विचार रखें
काॅलेज प्रिन्सीपल डाॅ. श्वेता अरोड़ा ने बताया कि बीएड़ प्रशिक्षणार्थियांे की भाषा, तर्क-वितर्क, कौशल एवं उनके सर्वांगीण विकास के मक़सद से आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले की ग्यारह बीएड़ काॅलेज के 39 बीएड प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। सभागार में श्रोताओं को गांव व शहरी शिक्षा से लेकर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दी जा रही बीएड शिक्षा व उसके पाठ्यक्रमों के सन्दर्भ में जानकारी सुनने को मिली।
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर एस.एस.बैस, विशिष्ठ अतिथि, शाह गोवर्धन लाल शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्या डाॅ. शिरीष बालया, चैपासनी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के सेवानिर्वत वाइस प्रिन्सीपल ओ.पी.व्यास ने सभी बीएड़ प्रशिक्षणार्थियों के संवाद सुनने के बाद, उनकी हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच रखनी होगी। यदि शिक्षक की साख गिरी है, तो उसके लिए हम स्वंय जिम्मेदार है, हमें उन कमियों को ढूंढकर उनका निदान करना है तथा मेहनत से कुशल शिक्षक बनकर, भावी विद्यार्थी को रचनात्मक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर, राष्ट्र की शैक्षिक प्रगति को और मज़बूत करना होगा।
मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी व स्कूल एकेडमिक आॅफिसर बाबू खान शेख ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रतियोगिता में मौलाना आजाद बीएड़ काॅलेज के सुखदेव पुरी ने प्रथम, राजमाता विजयराजे टी.टी.काॅलेज के राजेन्द्र चारण ने द्वितीय एवं मौलाना आजाद मुस्लिम बीएड काॅलेज के सोमराज विश्नोई ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को मोमेन्टो, प्रशस्ती पत्र एवं नकद राशि सम्मान स्वरूप दी गई। समस्त प्रतिभागियों को प्रशस्ती पत्र वितरित किये गये। व्याख्याता राम प्रकाश जाखड़ ने कार्यक्रम का सारांश पेश किया।
प्रतियोगिता में मौलाना आजाद मुस्लिम शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की व्याख्याता माधुरी दत्ता, डाॅ. संध्या शुक्ला, वाजिद शेख, अब्दुल तनवीर, शहाबुद्दीन खान, डाॅ. सुनिता सांगवान, डाॅ. समीना, शाहबाज खान, निसार का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर मौलाना आजाद मुस्लिम महिला बी.एड़ काॅलेज की प्रिन्सीपल डाॅ. सपना सिंह राठौड़, व्याख्याता गीता शर्मा, प्रमिला गहलोत, तनवीर अहमद काज़ी, कान्ता मिश्रा, रफीक मोहम्मद, जावेद खान भी उपस्थित थे। संचालन मोहम्मद इकबाल चंदडीगर ने किया। धन्यवाद प्रिन्सीपल डाॅ.श्वेता अरोड़ा ने दिया।