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जागरूकता से ही डायबिटिज का खात्मा - डॉ. माथुर

April 13, 2016

जेएसपीएच की ओर से संयमित खानपान पर सेफ और स्पोर्टिंग स्टाफ के लिए डायबिटिज की विशेष कार्यशाला


मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के पब्ल्कि हेल्थ विभाग की ओर से होटल ताज के सभागार में होटल के सेफ एवं स्टाफ सदस्यों के लिए ‘डायबिटीज की रोकथाम एवं संयमित व पोष्टिक खानपान‘ विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

पब्लिक हैल्थ विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि कार्यशाला में केलिफॉर्निया के वेस्टर्न डायबिटिज इन्स्टीट्यूट के मधुमेह विशेषज्ञ एवं जोधपुर स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के विजिटिंग फैकल्टी डॉ एन्ड्रयू एस. प्यूमिरेन्ज ने बताया की चिकित्सक शुगर की बढ़ती बीमारी का कारण मुख्य रूप से अनियमित दिनचर्या को बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की जीवन शैली में शारीरिक श्रम कम हो गया है। आहार में हाई कैलोरी डाइट व फास्ट फूड लिया जा रहा है। इसके अलावा तनाव, शराब व स्मोकिंग की वजह से भी शुगर होने का खतरा बढ़ जाता है। खान-पान व दिनचर्या नियमित कर, दिनचर्या में व्यायाम को शामिल कर मधुमेह के खतरे को कम किया जा सकता है ।

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अरविन्द माथुर ने कहा कि सब लोगों की जागरूकता से ही डायबिटिज का खात्मा किया जा सकता है। मधुमेह की रोकथाम का आसान तरीका है हाई रिस्क आबादी की पहचान और उसे रोकथाम की उचित शिक्षा देना। मधुमेह की अधिक आशंका वाले व्यक्तियों को इसकी रोकथाम के लिए जीवनचर्या में बदलाव लाना चाहिए। अगर आप नियमित व्यायाम करें और आहार में जरूरी बदलाव करें तो उनमें मधुमेह होने की आशंका को कम किया जा सकता है।

जेएसपीएच सदस्य डॉ. भावना सती ने स्वस्थ्य खान पान शैली के जरिये, डायबिटीज से बचाव, डायबिटीज होने पर उसका प्रबंधन तथा मधुमेह सम्बन्धी जटिलताओं से बचाव पर बताया, जीवन शैली में परिवर्तन पर भी ज़ोर दिया। जेएसपीएच डॉ रश्मि राठौड़ ने सही भोजन, सही समय पर, सही मात्रा में लेने और अपनी दिनचर्या में कसरत के समन्वय पर ज़ोर दिया, उन्होंने कुछ पादप पोषण तत्व जैसे सोयाबीन, अलसी, लहसन इत्यादि के फायदों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में होटल ताज के महाप्रबंधक विजय श्रीकेंट ने सभी वक्ताओं तथा प्रतिभागिओं का धन्यवाद ज्ञापित किया ।