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मुल्क से मोहब्बत करना, ईमान का हिस्सा है-नक़वी

April 23, 2016

भाषायी अल्पसंख्यक आयोग के नेशनल कमीश्नर अख्तरूल वासे ने भी दिया उद्बोधन
‘तालीमी बेदारी काॅन्फ्रेन्स‘ में 381 स्कूली विद्यार्थियों का, ‘खत्मे कुरआन‘ करने पर हुआ सम्मान

वक्फ अल्लाह की सम्पत्तियां है इसका उपयोग मुसलमानों की शिक्षा, विकास, उत्थान व वक्फ जायदादों (सम्पत्तियां) की तरक्क़ी में होना चाहिए। ये कहना है, राजस्थान वक्फ बोर्ड चेयरमेन अबु बकर नकवी का। वे मारवाड मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी की ओर से कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम सीनियर सैकेण्डरी स्कूल परिसर में शनिवार को आयोजित ‘खत्मे कुरआन एवं तालीमी बेदारी काॅन्फ्रेन्स में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

नकवी ने आगे कहा कि राजस्थान में मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान सहित वक्फ की उन्नीस हजार सम्पत्तियां है। जिनकी हम सब को मिलकर, वक्फ कमेटियों के सहयोग से सुरक्षा करनी होगी और वक्फ बोर्ड व प्रशासन के सहयोग से निरन्तर हो रहे अवैध अतिक्रमण से वक्फ सम्पत्तियों को मुक्त कराना होगा।

उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से देश व प्रदेश के मुसलमानों को जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘मुल्क से मोहब्बत करना, ईमान का हिस्सा है‘। हमें सरकारों का प्रश्न नहीं बनना है बल्कि सरकारों को उपयोग में लेते हुए समाज की तालीम, रोजगार, सुरक्षा व तरक्की की कोशिश करनी है। नकवी ने ‘वक्फ तकिया चांदशाह‘ के विकास कार्यो की सराहना करते हुए मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी को शिक्षा व कल्याणकारी क्षेत्र मेें प्रदेश के लिए आदर्श बताया।

इस मौके पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली के इस्लामी अध्ययन के प्रोफेसर एवं भाषायी अल्पसंख्यक आयोग के राष्ट्रीय आयुक्त (नेशनल कमीश्नर) अख्तरूल वासे ने कहा कि जिसके हाथ में कुरान है, उसके हाथ में बम नहीं हो सकता। उन्होंने नवीं शताब्दी का हवाला देते हुए लाल किला, ताजमहल, मकबरे, सड़के, सभ्यता, व्यवस्था, प्रशासन व देश की ऐतिहासिक धरोहरों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सब मदरसे में पढ़ने वालों ने बनाये है कोई ऑक्सफ़ोर्ड से नहीं आया। वासे ने आगे कहा कि अंग्रेजो ने हमें कमजोर करने के लिए हमारे हर सिस्टम में घुसपैठ की जबकि मुसलमाना का जो दीन है वो ही दुनिया है, और जो दुनिया है वो ही दीन।

उन्होंने कहा कि इस्लाम में मां की गोद से कब्र तक इल्म हासिल करने का हुक्म है और जकात, हज, रोजा, नमाज से पहले इस्लाम में पढ़ने का हुक्म आया है। इस मौके पर शहर विधायक कैलाश भंसाली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की योजनाओं का लाभ उठाने, लड़कियों को शिक्षा दिलवाने की बात कही तथा वक्फ तकिया चांदशाह में अस्पताल खोलने के लिए खुद की ओर से अनुसंशा करने की बात कहीं।
सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने बताया कि काॅन्फ्रेन्स में सोसायटी के अधीन संचालित छः स्कूलों के कक्षा पांचवी एवं आठवी के 381 छात्र-छात्राओं के स्कूली शिक्षा के साथ-साथ अरबी भाषा में ‘खत्मे कुरआन‘ करने के उपलक्ष में, अतिथियों के हाथों इमामा, हिजाब, कुरआन व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया।

प्रभारी मौलाना शाहिद हुसैन नदवी ने बताया कि अध्यक्षता मदरसा इस्लामिया दारूल उलूम पोकरण के मोहतमिम मौलाना कारी मोहम्मद अमीन क़ासमी ने की। कांफ्रेंस में दारूल उलूम अहले हदीस जोधपुर के सद्रूल मुदर्रिसीन मौलाना असदुल्लाह खां नदवी, स्टेट रिसोर्स सेन्टर के निदेशक जमील अहमद काज़मी, वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमेन शौकत अंसारी, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट डाॅ. हामिद अली खान, दिल्ली के डाॅ. अहमद, अख्तर हुसैन, सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी, हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, उपाध्यक्ष नजीर खां, कोषाध्यक्ष हाजी इस्हाक, सदस्य फजलुर्रहमान, मोहम्मद इस्माईल, हारून खान, मोहम्मद अली चुंदडीगर, रऊफ अंसारी, निसार अहमद खिलजी, फिरोज अहमद काजी, जकी अहमद, जावेद शेख, अल्पसंख्यक कर्मचारी अधिकारी संघ के सदस्यगण एवं देश भर से आये बुद्धिजीवी, शिक्षाविद्, धर्मगुरू एवं कई जनप्रतिनिधिगण शिर्कत की। दुआ शैखुल हदीस मौलाना समसुद्दीन ने कराई। धन्यवाद सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने दिया।