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इक्कीसवीं सदीे के शिक्षक होंगे तकनीक और नैतिकता के महारथी-मेहरोत्रा

April 28, 2016

‘इक्कीसवीं सदी के भविष्य में शिक्षक-शिक्षा की चुनौतियां‘ विषय पर एक दिवसीय एज्यूकेशनल वर्कशाॅप का हुआ आयोजन

इक्कीसवीं सदी के आने वाले दस-पन्द्रह सालों में शिक्षा में कैसा बदलाव आयेगा। उस दौर के शिक्षकों मे कैसे गुण होंगे और वो छात्र-छात्राओं को किस तरीके से पढा रहे होंगे।

इन्हीं मुख्य बातों पर चर्चा के लिए कमला नेहरू नगर स्थित मारवाड मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी की ओर से मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के सभागार में ‘इक्कीसवीं सदी के भविष्य में शिक्षक-शिक्षा की चुनौतिया‘ विषय पर एक दिवसीय एज्यूकेशनल वर्कशाॅप आयोजित की गई है।

वर्कशाॅप में मुख्य वक्ता के तौर पर पर्सपेक्टिव एज्यूकेशन कन्सलटेन्ट्स, गुडगांव की संस्थापक व क्वालिटी काउन्सिल आॅफ इण्डिया की सदस्य रही इन्दु मेहरोत्रा ने कहा कि इक्कीसवीं सदी के एक सफल शिक्षक में गम्भीर एवं रचनात्मक विचारधारा, सहयोग की भावना, बातचीत कौशल, पाठ्यक्रम पर पकड़, स्टूडेन्ट व टीचर के बीच रिलेशन, जैसे कई गुण होने चाहिए। वो एडवान्स टेक्नाॅलोजी (तकनीक) और मोरलिटी (नैतिकता) एक्सपर्ट होंगे।

पर्सपेक्टिव एज्यूकेशन कन्सलटेन्ट्स, गुडगांव की संरक्षक व क्वालिटी काउन्सिल आॅफ इण्डिया की सदस्य अर्चना ठाकर ने विद्यार्थियों को काॅलेज व करियर चयन में होने वाली दिक्कतों पर बाते करते हुए कहा कि ‘ग्रीनबेल्ट सर्टिफिकेशन‘ कोर्स एक ऐसा छः हफ्तो का आॅनलाइन प्रोगाम है जो दसवी, बारवहीं व ग्रेजूएट स्टूडेन्ट के लिए फायदेमन्द है। ये कोर्स यूनिवर्सिटी आॅफ केलिफोर्निया लाॅस एंजिल्स से प्रमाणित है। इस करियर काउन्सलिंग के कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रूचि व क्षेत्र के स्कूल, काॅलेज, व एन.जी.ओ. से जुड़कर, अपना बेहतर करियर बना सकते है, इससे स्टूडेन्ट आॅनलाइन एडवान्स कम्प्यूटर लिट्रेसी का ज्ञान प्राप्त कर, अपना खुद का बिजनेस भी शुरू कर सकता है।

तरक्क़ी आई फाउन्डेशन दिल्ली के फाउन्डर डायरेक्टर आमीर आबिदी ने कहा कि इस वर्कशाॅप के जरिये मदरसे व स्कूल के सभी टीचरों को एक बेहतर टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़कर, उन्हें सर्वगुण सम्पन्न शिक्षक बनाना है। सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने हमारा मक़सद टीचर को टेक्नाॅलोजी फ्रेंडली बनाकर और उनकी जरूरतों को पूरा करके ही हम उन्हें इक्कीसवी सदी के क्वाक्लिटी टीचर बना सकते है।

कोर्डिनेटर मोहम्मद अरशद ने कहा कि मदरसा मौलाना आजाद मिडिल स्कूल, मदरसा क्रिसेन्ट पब्लिक स्कूल, मदरसा मोहम्मदिया बलदेव नगर, मदरसा ए.जी. मेमोरियल स्कूल कबीर नगर व मदरसा जामिया इस्लामिया सूरसागर, के समस्त शिक्षकों ने इस वर्कशाॅप में भाग लिया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को दी जाने वाले वर्तमान स्वरूप के सभी कौशल के साथ-साथ देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था, सामाजिक ढांचा, वातावरण, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य एवं तकनीक के बारें में बताया गया।

अन्त में प्रोजेक्टर के माध्यम से हुए प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में समुहों में कागज के चार्ट से पत्तियां बनाकर, पत्तियों पर अपनी मनोकामना लिखकर, एक अन्य कागज के चार्ट के पेड की जड़ों पर चिपकाकर, उसे मुकम्मल हरी-भरी पत्तियों वाला पेड़ बनाया गया। वर्कशाॅप में सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी, हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, सदस्य हनीफ लोहानी, रऊफ अंसारी, फिरोज अहमद काजी, जयपुर के मोहम्मद अमीन, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ओपी बोहरा, डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद रफीक खान, मोहम्म्द इदरीस खान, बाबू खान शेख, डाॅ. अहमद, प्रिन्सीपल अब्दुल वहीद बैलिम, उम्मे कुलसुम, शेहला सैफी, सीमा शेख, शबाना सैय्यद सहित समस्त शिक्षकों ने शिर्कत की। संचालन मोहम्मद अरशद ने किया। धन्यवाद अध्यक्ष अब्दुल अजीज ने दिया।