अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सय्यद अहमद खान कर 199वां यौमे पैदाईश डे मनाया गया
एनसीपीयूएल उर्दू डिप्लोमा के छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट का भी हुआ वितरण
अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक मरहूम सर सय्यद अहमद खान की 199वीं यौमे पैदाईश (जयन्ति) के मौक़े पर मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार
को आयोजित समारोह में यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट (वी.सी.) पद्म श्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने कहा कि सर सय्यद थे तो हम यहां है, अगर वो न होते तो हम कहां होते सर सय्यद को सच्ची यहां खिराज ए अकीदत (श्रृद्धांजलि) ये होगी कि हम इक्कीसवीं सदी में अपनी नस्लों की तालीमी मंसुबाबंदी (शैक्षिक योजना) करें।
मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि हम एक कलेन्डर तैयार कर रहे है। जिसके तहत सर सय्यद सहित तमाम मुस्लिमिन और मोहसिनीने कौम (स्वर्गीय प्रसिद्ध समाजसेवी) को हर साल याद किया जायेगा। ताकि उनके नाम व काम से नई नस्लें वाकिफ़ (भावी पीढियां) हो सकें। हैदराबाद इंग्लिश हाऊस के डायरेक्टर मुनव्वर जमा ने प्रतिभागियों को मोटिवेशनल स्पीच पेश की।
‘सर सय्यद खां‘ को जोधपुर से जुड़े और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त अलीगेरियन व मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों व व्याख्ताओं ने खिराज ए अकीदत (श्रृद्धांजलि) पेश की। रिटायर्ड आई.जी. मुराद अली अबड़ा, रेलवे के एसीएम आई.एम. कुरैशी सहित पूर्व अलीगेरियन ने सर सय्यद के जीवन पर रोशनी डाली। इस मौके पर कौमी कौंसिल बराये फरोग ए उर्दू के एक वर्षीय उर्दू डिप्लोमा के 40 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट भी वितरण किये गये।
समारोह में यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद रफीक खान, सोसायटी सदस्य डॉ. गुलाम रब्बानी, हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, शब्बीर अहमद खिलजी, हनीफ लोहानी, फिरोज काजी, मोहम्मद अमीन, मौलाना शाहिद नदवी, सलीम अहमद, इकबाल चुंदड़ीगर सहित कई शिक्षक एवं यूनिवर्सिटी, मौलाना आजाद मुस्लिम बी.एड़ कॉलेज व माई खदिजा इंस्टिट्यूट ऑफ निंर्संग साइन्सेज के विद्यार्थी मौजूद थे। अन्त में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी का कौमी तराना प्रोजेक्टर के माध्यम से पेश किया गया। संचालन एनसीपीयूएल के कार्डिनेटर व लाइब्रेरियन मोहम्मद सैफुल्लाह ने किया।