20 अक्टूबर 2016 को मुस्लिम स्कूल कैम्पस में मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी जोधपुर के अंतर्गत संचालित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 40 दिवसीय इंग्लिश स्पीकिंग एण्ड पर्सनेलिटी डेवलपमेण्ट कार्यशाला के ‘दीक्षांत समारोह’ के साथ ही मुनव्वर ज़मा और उनकी टीम द्वारा एक ‘स्किट’ का मंचन किया गया. इस लघु नाटक के माध्यम से इंग्लिश स्पीकिंग की अहमियत बताने के साथ-साथ जानलेवा बीमारी ‘डेंगी’ के बारे में जानकारी दी गई जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में ‘डेंगू’ कहते हैं. इस बीमारी की जानकारी देने के साथ ही बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देश भर में चले रहे ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के बारे में दर्शकों को अवगत कराया गया.
इन दिनों पूरे देश में जानलेवा बीमारियों डेंगू (सही नाम डेंगी), चिकनगुनिया और मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ है । ये सभी बीमारियाँ मच्छर जैसे छोटे से लेकिन बेहद खतरनाक जानवर द्वारा फैलती हैं । पिछले दिनों डेंगू की वजह से देश में काफी मौतें हुईं और बड़ी तादाद में लोगों को अस्पताल में भर्त होना पड़ा । समय पर इलाज कराने से कई लोगों की जानें बचा पाना मुमकिन हुआ।
हमारे देश में जहाँ शिक्षा का अभाव है वहाँ जन-साधारण से जुड़े मुद्दों और बीमारियों के कारण व इलाज के बारे में जागरूकता की भी कमी है । समाज को सूचना देने के कई ज़रिये हैं जिनमें अखबार, पोस्टर, पेम्फलेट इत्यादि प्रमुख हैं । आजकल सोशल मीडिया भी एक कारगर माध्यम बनकर उभरा है ।
लेकिन तजुर्बे के आधार पर यह देखा गया है कि फिल्में और नाटक लोगों से जुड़ने और दिलो-दिमाग में बैठ जाने वाला संदेश देने का सबसे कारगर माध्यम है ।
इसी सोच को लेकर मुस्लिम स्कूल कैम्पस में 20 अक्टूबर 2016 को मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी व मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के तत्वाधान में आयोजित ‘तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस’ के दौरान एक ‘स्किट (लघु नाटक)’ का मंचन किया गया ।
इस नाटक में यह बताया गया कि एक अमेरिकी पर्यटक ‘माइकल’ अपनी भारत यात्रा के दौरान अपनी तबियत खराब होने पर ‘लाइफलाइन हॉस्टिपल’ में पहुँचता है । जहाँ डॉक्टर उसका चैकअप करने के बाद एडमिट कर लेता है । हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स मरीज़ का खून टेस्ट करके रिपोर्ट डॉक्टर के सामने रखती है । रिपोर्ट देखकर डॉक्टर कहता है कि इसे ‘डेंगी’ है और शुरूआती स्टेज पर है । एक एमरजेंसी कॉल आ जाने के कारण डॉक्टर, नर्स को कुछ ज़रूरी निर्देश देकर चला जाता है । डॉक्टर के जाने के बाद नर्स उस मरीज़ को दवाई लेने के कहती है तो वह अपनी जाँच रिपोर्ट माँगता है । रिपोर्ट देखने के बाद वह जानना चाहता है कि ‘डेंगी’ क्या है? लेकिन नर्स अंग्रेज़ी न जानने के कारण उसे समझा नहीं पाती । डॉक्टर को फोन करके बुलाने की कोशिश की जाती है लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण डॉक्टर से सम्पर्क नहीं होता । ऐसे में मरीज़ झल्लाकर भारतीय सिस्टम को कोसने लगता है कि वह कहाँ आकर फंस गया?
ऐसे में वह हिन्दी भाषी नर्स, एक स्किल्ड नर्स मलयश्री को बुलवाती है । मलयश्री धाराप्रवाह अंग्रेज़ी बोल सकती है । वह उस मरीज़ को समझाती है कि ‘डेंगी’ क्या है । जब मरीज़ को पता चलता है कि यह बीमारी उसे मच्छर के काटने की वजह से हुई है तो वो एक बार फिर भारत में साफ-सफाई पर ध्यान न दिये जाने का मुद्दा उठाते हुए सिस्टम को खराब बताता है । नर्स मलयश्री उसे समझाती है कि यह बीमारी गंदे पानी में पनपने वाले मच्छर से नहीं फैलती बल्कि घरों में फूलदान वगैरह में जमा हुए साफ पानी में पनपने वाले मच्छर से फैलती है ।
उसके बाद नर्स मलयश्री उसे जानकारी देते हुए कहती है कि भारत सरकार स्वच्छता पर बहुत ज़्यादा ध्यान दे रही है । वह बताती है कि 2 अक्टूबर 2014 को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खुद हाथ में झाड़ू थामकर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरूआत की थी जो लगातार चल रहा है । इसके तहत गाँवों और शहरों में सरकारी सहायता देकर शौचालय भी बनवाए जा रहे हैं । लोगों को जागरूक किया जा रहा है वे खुले में शौच की अपनी आदत बदलें ।
मलयश्री द्वारा धाराप्रवाह अंग्रेज़ी सारी जानकारियाँ देने के बाद उस अमेरिकन टूरिस्ट को अपनी गलती का एहसास होता है और वो माफी माँगते हुए कहता है कि अगर तुम जैसी अंग्रेज़ी जानने वाली नर्स उसे सच्चाई न बताती तो मेरे मन में भारत के प्रति नेगेटिव सोच ही बनी रहती ।

वो अमेरिकी पर्यटक नर्स मलयश्री के व्यवहार से प्रभावित होकर को अपने अंकल के शिकागो स्थित हॉस्पिटल में भारत से दस गुनी अधिक सैलरी पर नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखता है । लेकिन नर्स मलयश्री अपने देशवासियों की सेवा को अपना फ़र्ज़ बताते हुए विनम्रतापूर्वक इन्कार कर देती है । साथ ही वो यह भी बताती है कि उसने मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी जोधपुर द्वारा संचालित ‘माई खदीजा इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग साइंसेज़’ से बी.एस.सी. (नर्सिंग) की है । इस संस्था में शिक्षा के दौरान उसे अपने देश और समाज के प्रति दायित्व का एहसास कराया गया है । उसे स्किल्ड नर्स बनाने का श्रेय सोसायटी एवं उसके द्वारा संचालित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स को है ।
इस स्किट में राहिल ज़फर ने अमेरिकी पर्यटक माइकल, अमन ने डॉ. अमन, माई खदीजा इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग साइंसेज की स्टुडेण्ट मलयश्री ने स्किल्ड नर्स मलयश्री, प्रेमलता व सादिया ने हिन्दी भाषी नर्स का रोल निभाया । इस लघु नाटक को सभी ने बहुत सराहा । इस भावप्रवण लघु नाटक के बाद हैदराबाद से आए डॉ. रफीक ने ‘डेंगी (डेंगू)’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।