सुपर मेमोरी सेमीनार में याद्दाश्त बढाने के कई टिप्स सीखने को मिले

आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है यदि आप परीक्षा में सफल होना चाहते है तो सर्वप्रथम आत्मविश्वास ज़रूरी है आधी जंग तो आत्मविश्वास से ही जीत ली जाती है तो अपने आप पर विश्वास रखें कि आप सब कुछ कर सकते हैं।
ये कहना है, मेमोरी गुरू शेखर बागवान का। वे कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना अबुल कलाम आजाद सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में आयोजित सुपर मेमोरी सेमीनार में बतौर मुख्य वक्ता, विद्यार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे।
बागवान ने कहा कि ज्यादातर लोग कहते हैं कि मुझे याद नहीं होता, मन में सोचते है कि मुझसे याद नहीं होगा। याद रखिये दिमाग वहीं काम करता है जैसा हम सोचते है, इसलिए हमेशा खुद पर यक़ीन (भरोसा) रखते हुए अपने दिमाग से कहिए कि वो सब याद कर सकता है। फिर देखिये, आपको सब याद रहने लगेगा।
आप पढाई करते वक्त दोहराव (रिविजन) का समय निश्चित करें। चौबीस घंटे के अंदर अवश्य दोहराव करें तथा फिर सात दिनों के अंदर तथा दूसरा दोहराव तीस दिनो में कर लें। फिर आपको लम्बे समय तक याद रहेगा। अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था ‘इमैजिनेशन नॉलेज से ज्यादा महत्वपूर्ण है‘ आपको याद है कोई फिल्म जो हाल ही में देखी है, उसकी कहानी आपको भलीभांति याद होगी। कोई कहानी जो बचपन में दादाजी से सुनी होगी उसकी एक-एक बात याद होगी। इसलिए आप हर एक याद रखने की बात को इमेजिन करके याद रखें।
उन्होंने कहा कि अच्छी दिनचर्या के लिए अच्छी नींद आवश्यक है, नींद के समय से छेडछाड ना करें, थोडा बहुत अवश्य टहलें, पानी खूब पियें। जो विषय आपको याद करना है उसमें रूचि पैदा करें, क्योंकि रूचि वाले विषय ज्यादा ज्ञानवर्धक और लम्बे समय तक याद रहते हैं।
समारोह में संस्थान के सेक्रेट्री मोहम्मद अतीक, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्म्द रफीक खान, इरफान खान, जिम्मी व्यास, जयश्री, समीक्षा सहीत समस्त शिक्षकगण मौजूद थे।
अन्त में स्कूल प्रिन्सीपल इन्तिखाब आलम ने मेमोरी गुरू शेखर बागवान का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समस्त स्टूडेन्ट्स को मेमोरी बढाने के इन टिप्स को याद रखते हुए कड़ी मेहनत करके, स्कूल, समाज और मुल्क का नाम रोशन करने की अपील की।