क्षेत्रीय निदेशक जयपुर की राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से जुडे़ सेन्टर प्रभारीयों के साथ हुई बैठक
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की स्थापना सन् 1979 में भारत सरकार ने सीबीएसई के माध्यम से उन लोगों को शिक्षा देने के लिए की गई जो सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य परिस्थितयों के कारण शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकें और अब घर बैठे शिक्षा ग्रहण करना चाहते है।
ये कहना है एनआईओएस जयपुर राजस्थान के क्षेत्रीय निदेशक कन्हैया लाल गुप्ता का। वे रविवार को नव वर्ष के उपलक्ष में कमला नेहरू नगर स्थित एनआईओएस के केन्द्र मौलाना अबुल कलाम आजाद सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के सभागार में आयोजित एनआईओएस के अन्य केन्द्रों से जुड़े प्रभारीयों की बैठक में बोल रहे थे।
गुप्ता ने एनआईओएस की मान्यता से सम्बन्घित भ्रान्तियों को दूर करते हुए कहा दी कि एनआईओएस एक पूर्ण कालिक बोर्ड है इससे की जाने वाली दसवी व बारहवीं की मान्यता भारत सरकार के किसी भी अन्य बोर्ड के समकक्ष है। उन्होंने आगे कहा कि न्यूनतम 14 वर्ष की आयु के शिक्षार्थी दसवीं एवं न्यूनतम 15 वर्ष की आयु के शिक्षार्थी बारहवीं की परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते है। साथ ही यदि कोई अनपढ हो तो वह एनआईओएस के जरिये लेवल ए (कक्षा तीसरी के समकक्ष), लेवल बी (कक्षा पांचवी के समकक्ष) एव लेवल सी (कक्षा आठवीं के समकक्ष) की पढाई तीन चरणों में पूर्ण कर सकता है तत्पश्चात् उसे दसवीं की परीक्षा दिलाई जा सकती हैं।
गुप्ता ने आगे कहा कि दसवीं व बारहवीं में उत्तीर्ण होने के लिए अधिकतम पांच विषय में प्रवेश लेना होता है। जिसमे एक या अधिकतम दो भाषा का चयन किया जा सकता है इन कुल पांच विषय के अतिरिक्त शिक्षार्थी अन्य दो अतिरिक्त विषय भी ले सकते है। सात में से पांच विषयों में यदि कोई उत्तीर्ण होता हैं तो उसे उत्तीर्ण माना जाता हैं। यदि कोई किसी विषय में फेल हो जाता है तो वो सब विषयों में फेल नहीं कहलाता बल्कि उसे सिर्फ उस फेल विषय की ही परीक्षा देनी पड़ती है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि बारहवींं के बाद देश की किसी भी विश्वविद्यालय से आप उच्च शिक्षा हासिल कर सकते है और एनआईओएस के जरिये ही पुरूषों व महिलाओ के रोजगार से जुड़े अन्य वोकेशनल कोर्सेज भी कर सकते हें। बैठक के अंत में हुए संवाद कार्यक्रम में उन्होनें कहा कि अन्य योजना के तहत आईटीआई में अध्ययनरत या आईटीआाई पास विद्यार्थी, आईटीआई के विषयों के साथ ही कुछ अन्य विषयों को जोड़कर एनआईओएस से दसवीं व बारहवीं कर सकते है। एनआईओएस ने अपनी नई योजना के अन्तर्गत आर्मी व अन्य व्यवसायिक क्षेत्रों में जाने वाले इच्छुक युवाओं के लिए कुछ नये कोर्सेज भी शुरू किये है।
वहीं केन्द्रीय कारागृह, जोधपुर में आयोजित दूसरी बैठक में कन्हैया लाल गुप्ता ने कहा कि एनआईओएस की ओर से कैदियों को दसवीं व बारहवीं की निःशुल्क शिक्षा दी जा रही हैं वर्तमान में अध्ययनरत कैदियों को कारागृह जोधपुर के अधीक्षक विक्रम सिंह की मौजूदगी में पढाई में आ रही समस्याओं को सुना एवं उनका समाधान निकाला। उन्होंने आह्वान कि सभी अपने साथ अपने साथी केदीयों को भी पढने के लिए प्रेरित करें और रोज़गार से जुड़कर, देश के विकास के भागीदार बनें।
बैठक में जयपुर एनआईओएस के प्रवेश सहायक राजकुमार, अनुभाग अधिकारी अमर सिंह राठौड़, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, सोसायटी सदस्य फिरोज अहमद काजी, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मोहम्मद रफीक खान, मौलाना अबुल कलाम आजाद एनआईओएस केन्द्र के केन्द्राधीक्षक इंतिखाब आलम, एनआईओएस के अन्य केन्द्रों से जुड़े प्रभारी बजरंग सिंह, मुकेश शर्मा, अशोक कुमार, किशन चौधरी, मीनाराम चौधरी, हनुमान सिंह, हुनमान राम, अशोक कुमार, नदीम खान एवं अन्य लोगों ने शिर्कत की। पूर्व मौलाना अबुल कलाम आजाद एनआईओएस केन्द्र के केन्द्राधीक्षक एवं स्कूल प्रिंसीपल इंतिखाब आलम ने अतिथियों का स्वागत किया।