बुजुर्ग हमारे परिवार के संरक्षक होते है, इनके संस्कारों से ही हमारा भविष्य और हमारी आने वाली नस्लों का चरित्र उज्जवल होता हैं। हमें परिवार के बुजुर्ग और उनके दोस्तों व जानने वालों का सम्मान और उनकी हर सम्भव सहायता करनी चाहिए।
ऐसी ही नेक सोच और विचार रखने वाली मौलाना आजाद मुस्लिम महिला बीएड कॉलेज की छात्राध्यापिकाओं ने निमा निमडी मण्डोर रोड़ स्थित ‘अनुबन्ध ऑल्ड एज होम‘ वृद्धाश्रम में एक दिन व्यतीत किया। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सपना सिंह राठौड़ ने बताया कि सर्व समुदाय के कई बुजुर्ग, महिला-पुरूष के जीवन के अकेलेपन में सामुहिक खुशियां बिखरने के मक़सद से बीएड़ छात्राध्यापिकाओं ने अपना सामाजिक दायित्व निभाते हुए वृद्धजनों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत लोकगीत, लोकनृत्य व अन्य कार्यक्र पेश कर मनोरंजन किया।
इस मौके पर वृद्धजनों ने वेस्ट मेटेरियल से बनाई कई उपयोगी चीजों को स्टूडेन्ट्स को दिखाया। अनुबन्ध वृद्धाश्रम की प्रभारी अनुराधा आडवाणी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि अज़नबी बुजुर्गो की सेवा करने की युवाओं की यह सोच देश के उज्जवल भविष्य की झलक हैं। वृद्धाश्रम में व्याख्याता सलीम अहमद, मोहम्मद रफीक, तनवीर अहमद, अरविंद व्यास, गीता शर्मा, कांता मिश्रा, प्रमिला गहलोत, मदीना बानो, मेहबूब अली, नासिर, इकबाल का सहयोग रहा। इस मौके पर छाया, कृतिका, सीमा, अफसाना, रेणू, सुष्मिता, सोनू, डोली, स्वाति, निरमा, ऐश्वर्या, पूनम ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये। संचालन छात्राध्यापिका ऐश्वर्या व कृतिका ने किया। अन्त में समस्त बीएड़ छात्राध्यापिकाओं ने शिक्षकगणों के साथ मण्डोर उद्यान का भी भ्रमण किया।