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विचित्र एवं पारम्परिक वेशभूषा के रूपों में दिखी विविधता की झलक

February 06, 2017

वन मिनट शो, कबड्डी, क्रिकेट, पांच मीटर, सौ मीटर, रिले दौड का हुआ आयोजन
उमंग व बसंत सांस्कृतिक व खेल सप्ताह 2017

कोई बनी आधुनिक सास-बहु, तो किसी ने रिर्पोटर, राधा-कृष्ण, जय-वीरू, बादशाह अकबर, अनारकली, महाराज, अखबार वाला, दूधवाले का रोल निभाया। तो कोई मुस्लिम महिला, पंजाबी महिला और पुलिस ऑफिसर बनी तो किसी ने पारम्परिक वेशभूषा में राजस्थानी परिवेश को दर्शाया।

मौका था, मौलाना आजाद मुस्लिम बीएड कॉलेज में उमंग 2017 एवं मौलाना आजाद मुस्लिम महिला बीएड कॉलेज में बसन्त 2017 सांस्कृतिक एवं खेल सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता का। साथ ही वन मिनट शो, कबड्डी, क्रिकेट, पांच मीटर, सौ मीटर व रिले दौड प्रतियोगिता का भी सफल आयोजन किया गया।

महिला बीएड प्राचार्या डॉ. सपना सिंह राठौड ने बताया कि विचित्र एवं पारम्परिक वेशभूषा की इस फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में छब्बीस छात्राध्यापिकाओं ने देश की गंगा-जमनी, विविध संस्कृति एवं सम्प्रदायों को दर्शाया। फैन्सी ड्रेस में एश्वर्या प्रथम, फातिमा, नेहा, चिन्टू द्वितीय तथा दिव्या व डॉली क्रमशः तृतीय स्थान पर रही। साथ ही बीस छात्राध्याकिओं के वन मिनट शो में ग्लास का पिरामिड बनाना, टमाटर के अन्दर टूथ पिक लगाकर उसमें स्ट्रा लगाना, बिस्किट मुंह पर रखकर सिक्के रखना, गुब्बारे फुलाकर उसकी चेन बनाना, संतरे खाने की प्रतियोगिताओं में इरमा ईलियास, अस्मत व सुष्मिता ने पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया।

कॉएड बीएड़ की प्राचार्या डॉ श्वेता अरोडा ने कहा कि उमंग खेल सप्ताह मेंं कबड्डी के रोचक खेल में हेमन्त सदन ने 38-32 से शरद सदन को हराया। क्रिकेट के फाइनल में बसन्त को पराजित करते हुए हेमन्त सदन दो विकट से जीता। छात्राओं की पांच मीटर दौड में परमेश्वरी, महिमा, इंदू ने बाजी मारी। छात्रों की सौ मीटर दौड में कडी प्रतिस्पर्धा रही। छात्रों की रिले दौड में हेमन्त सदन विजयी रहा।

निर्णायक की भूमिका मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. इमरान खान पठान, माई खदिजा इन्स्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साईन्सेज के प्रिन्सीपल जितेन्द्र खत्री एवं खेल प्रभारी मेहबूब अली, जुगनू मेहर, शहाबुद्दीन खान ने निभाई।

प्रतियोगिताओं में व्याख्याता सलीम अहमद, तनुश्री माथुर, प्रमिला गहलोत, मोहम्मद इकबाल चुंदडीगर, ममता सिंह, डॉ सुनिता सांगवान, तनवीर अहमद काजी, डॉ. संध्या शुक्ला, गीता शर्मा, वाजिद शेख, अब्दुल तनवीर, राजेश मोहता, अरविन्द व्यास, विकास, शहबाज खान, नासिर खान सहित समस्त शिक्षकों व प्रशिक्षणार्थियों का विशेष सहयोग रहा।