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बेटियों का गर्भपात सबसे बडा कुकृत्य - डॉ. जैन

February 09, 2017

पढाओ अभियान पर कार्यशाला एवं क्षय रोग निवारण जागरूकता पर व्याख्यान का हुआ आयोजन

लिंगानुपात कुदरती तौर पर हमेशा ठीक रहा है लेकिन जब हम भ्रुण हत्या, ग्रभपात जैसे कुकृत्यों के जरिये इस अनुपात के साथ खिलवाड करते हैं तो हम देखते हैं कि प्रति हजार लड़कों के समक्ष लड़कियां कम संख्या में है। हमें बेटी बचाने की जागरूकता फैलाकर इसी समस्या का निवारण करना है।

ये कहना है जोधपुर संभाग के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संयुक्त निदेशक डॉ संजीव जैन का। वे अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी महासंघ राजस्थान, जिला इकाई, जोधपुर एवं माई खदिजा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साईन्सेज, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ‘ अभियान पर कार्यशाला एवं क्षय रोग निवारण के प्रति जागरूकता पर, गुरूवार को मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

डॉ. जैन ने आगे बताया कि बेटियों का गर्भपात दुनिया का सबसे बड़ा कुकृत्य है। सरकार ने गर्भपात पर अंकुश लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जरिये बनाये कानून से दोषी मां, मां को गर्भपात के लिए लेकर जाने वाले पिता या रिश्तेदार अथवा गर्भपात करने वाली सोनोग्राफी मेडिकल सेन्टर सहित सभी दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी आर गोयल ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों को सफल बनाया जा सकता है। रेल्वे के एसीएम अधिकारी इरफान कुरैशी ने अपने व्याख्यान में इस्लाम और कुरान के हवाले से कहा कि जिसने अपनी बच्चियों को बेहतरीन दीनी (धार्मिक) व दुनियावी (आधुनिक) तालीम से कामयाब बनाया और फिर बराबरी के जोड़े से शादी की। अल्लाह उनको जन्नत में दाखिल करेंगे।
मारवाड मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि हम बहुत शुक्रगुजार है चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग एवं अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी महासंघ राजस्थान का जो बेटी बचाओ अभियान जैसे नेक काम कर रहे है। दुर्भाग्यवश पढे लिखे समाजों मे भी गर्भपात जैसी समस्या पाई जा रही है। जिसका निदान अतिआवश्यक है। माई खदिजा इन्स्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साइन्सेज के प्रिन्सीपल जितेन्द्र खत्री ने भ्रूण जांच कानून के बारे में विस्तार से बताया। महासंघ के वरिष्ट उपाध्यक्ष अब्दुल रशीद अन्सारी ने समारोह की रूपरेखा एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की हिन्दी विभाग व्याख्याता डॉ. मरजीना ने बेटियों पर खूबसूरत कविता पढ कर, बेटियों की रक्षा करने और उन्हें समान अधिकार देने की अपील की। समाज कल्याण अधिकारी मनमीत कौर ने भावी शिक्षकों को जिम्मेदारी देते हुए कहा कि उन्हें समाज में बेटियों की रक्षा की शिक्षा के जरिये अलख जगानी होगी तथा समाज को दोहरी मानसिकता और कथनी व करनी में अन्तर खत्म करना होगा। बेटी बचाओ अभियान की समन्वयक सरला दाधिच ने कन्या भू्रण हत्या रोकने के लिए बनाए गये कानून, मुखबिर योजना आदि के बारे में बताया। रेडियोग्राफर ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अचलाराम ने भी सेव गर्ल चाइल्ड मुहिम पर अपने विचार रखे। क्षय रोग (टीबी) निवारण के प्रति जागरूकता के लिए क्षय रोग निवारण केन्द्र के डीटीएम पृथ्वी सिंह राठौड़ ने विस्तार से व्याख्यान दिया।

कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सुरेन्द्र सिंह चौधरी, मारवाड मुंस्लम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी, माई खदिजा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साईन्सेज के मेडिकल एडवाइजर फिरोज अहमद काजी, अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी महासंघ राजस्थान, जिला इकाई, जोधपुर के मोहम्मद शाहिद, अब्दुल रशीद अंसारी, रशीद खिलजी, रसूल बक्स, आदिल खिलजी, अल्ताफ हुसैन कुरैशी सहित समस्त सदस्यगण एवं माई खदिजा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साईन्सेज व मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के नर्सिंग व फार्मेसी के व्याख्याता व विद्यार्थिगण उपस्थित थे।

इस अभियान के प्रचार के लिए आयोजित पहेली प्रतियोगिता में बारह विजेताओं की घोषणा हुई। महासंघ के जिला अध्यक्ष इकबाल अली रंगरेज ने पूर्व में किये गये कार्यो का विवरण देते हुए शुक्रिया अदा किया। संचालन वरिष्ट उपाध्यक्ष अब्दुल रशीद अन्सारी ने किया। अन्त में बेटी बचाओ - बेटी पढाओ व क्षय रोग निवारण की जागरूकता के लिए सामुहिक शपथ ली गई। राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।