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स्वयं की स्वाथ्य सुरक्षा से दूसरों को बनाये निरोगी - डॉ. राज रानी

April 10, 2014

“नोजोकोमियल इन्फेक्शन: प्रोटेक्टिंग सेल्फ एण्ड अदर्स” विषयक दो दिवसीय राज्यस्तरीय नर्सिंग वर्कशॉप शुरू

जोधपुर 10 अप्रैल। कॉलेज ऑफ नर्सिंग एम्स जोधपुर की प्रिन्सीपल, डॉ राज रानी ने कहा कि स्वंय की स्वास्थ्य सुरक्षा से ही दुसरों को निरोगी बनाया जा सकता हैं। डॉ राज रानी कमला नेहरू नगर स्थित माई खदिजा इन्स्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइन्सेज के मौलाना आजाद ऑडिटोरियम में गुरूवार को आयोजित “नोजोकोमियल इन्फेक्शन: प्रोटेक्टिंग सेल्फ एण्ड अदर्स” (हॉस्पीटल संक्रमण: स्वंय एवं अन्य की सुरक्षा) विषयक दो दिवसीय राज्यस्तरीय नर्सिंग वर्कशॉप में बतौर मुख्यअतिथि बोल रही थी। उन्होंने वर्कशॉप का उद्घाटन कर, अन फोल्डिंग ऑफ थीम करते हुए हॉस्पीटल संक्रमण के इतिहास के बारे में बताया। विकसित एवं विकासशील देशों के आंकड़े बताकर, नोजोकोमियल इन्फेक्शन उत्पन्न होने के कारणों एवं इसके उपायों की जानकारी दी।

वर्कशॉप आर्गनाईजिंग कमेटी के चेयरमेन एवं कॉलेज प्रिन्सीपल जितेन्द्र खत्री ने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों, व्याख्याताओं, स्टॉफ नर्सेस, पेरामेड़िकल एवं लेबटेक्निशियन के ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस वर्कशॉप में जयपुर, अलवर, मकराना, भरतपुर, जालोर, सिरोही, सीकर, झुंझनू सहित समस्त प्रदेश के एएनएम, जीएनमएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमसीसी नर्सिंग के 565 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

स्पोकपर्सन व्याख्याता श्रीकान्त के नायर ने कहा कि प्रजेन्टेशन के माध्यम से हॉस्पीटल जनित संक्रमक रोग का परिचय देते हुए के बताया कि इस इन्फेक्शन की रोकथाम एवं नियंत्रण में चिकित्साकर्मियों की अह्म भूमिका है। भारत में प्रत्येक 4 मे से 1 मरीज इससे पीड़ित होता है ये इन्फेक्शन ज्यादातर आईसीयू और जनरल वार्ड में होता है। अकेले अमेरिका में 1.7 मिलीयन रोगी हर साल इससे पीड़ित होते हैं और 99,000 रोगी अपनी जान गवां देते हैं। इससे प्रतिवर्ष अकेले अमेरिका की चिकित्सा सेवाओं पर 4.5 से लेकर 11 बिलियन डॉलर का आर्थिक भार बढ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक सर्वे के अनुसार ये इन्फेक्शन पूर्व मध्यसागर के क्षेत्रों में 11.8 प्रतिशत, दक्षिण पूर्वी एशिया में 10 प्रतिशत, यूरोप में 7.7 प्रतिशत एवं पश्चिम पेसिफिक के क्षेत्रों में 9 प्रतिशत पाया जाता हैं। सर्व विदित हैं कि एक ग्राम रोकथाम की कीमत एक पाउन्ड देखबाल है।

स्पोकपर्सन व्याख्याता इमरान अली चौहान ने हॉस्पीटल संक्रमण की रोकथाम के विषय पर कहा कि भारत में 25 प्रतिशत रोगियों को इस संक्रमण का सामना करना पड़ता है। हम हाथ धोने की आदत से, कुछ उपाय एवं प्रकियाओं के माध्यम से इस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान कर सकते है। यूरोप में हर वर्ष 25 हजार लोगों की इसकी वजह से मौत होती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं यूनिसेफ के सहयोग से “15 अक्टूबर को होने वाले वर्ल्ड़ हैण्ड़ वाशिंग डे”पर आधारित चलचित्र में पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदूलकर ने ग्रामीण एवं शहरी भारत के लोगों को हाथों को साफ रखने का संदेश दिया।

दूसरे सत्र में डिपार्टमेन्ट ऑफ माइक्रोबायलॉजी एम्स जोधपुर की एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. अनुराधा शर्मा, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन विषय पर प्रोजेक्टर के जरिये जैव अपशिष्ट का सही प्रबन्धन कर, खुद को एवं दूसरों को अस्पताल संक्रमण से होने वाली बीमारियों की जानकारी दी। कॉलेज ऑफ नर्सिंग एम्स जोधपुर के एसोसियेट प्रोफेसर एवं स्पोकपर्सन डॉ. अशोक बी. ने इस संक्रमण की बेरियर टेक्निकस के बारें में विस्तार से बताया। अध्यक्षता मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के चेयरमेन डॉ गुलाम रब्बानी ने की। मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल अजीज, महासचिव मोहम्मद अतीक, मारवाड़ शरिआ क्रेड़िट कॉ ऑपरेटिव सेविंग सोसायटी के निदेशक शब्बीर अहमद खिलजी ने भी विचार व्यक्त कियें। इस अवसर पर मेड़िकल एड़वाइजर फिरोज अहमद काजी, निसार अहमद खिलजी, रऊफ अंसारी, हनीफ लोहानी, मोहम्मद इस्माईल, एजे खान सहित समस्त सदस्यों, व्याख्याताओं एवं नर्सिग विद्यार्थियों ने शिर्कत की। पूर्व में छात्रा रिजवाना ने तिलावते कुरान किया एवं अंत में प्रतिभागियों से संवाद कार्यक्रम हुआ। धन्यवाद शब्बीर अहमद खिलजी ने दिया। शुक्रवार को प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह के साथ वर्कशॉप का समापन किया जायेगा। संचालन इमरान अली चौहान ने किया।