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दहशतगर्दी (आतंकवाद) का मिलकर करें, मुकाबला - राठौड़

May 20, 2017

विश्व आतंकवाद विरोधी दिवस की पूर्व संध्या पर आतंकवाद को एकजुटता से मिटाने का लिया सकंल्प

“आतंकवाद मुर्दाबाद, इंसानियत जिंदाबाद”, आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता, आतंकवाद एक जहर हैं, दहशतगर्दी (आतंकवाद) दुनिया के विकास का अवरोध है, “सभी राष्ट्रो को एकजुट होकर, आतंकवाद के खात्मे के लिए शान्ति, अहिंसा लानी होगी”

ऐसे ही जोशीले नारों की हिन्दी, अंग्रेजी व उर्दू भाषा में लिखी तख्तियां और तिरंगे हाथों में थामे, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित मौलाना आजाद मुस्लिम महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की छात्राध्यापिकाओं को विश्व आतंकवाद विरोधी दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर शनिवार को महाविद्यालय प्रिंसीपल डाॅ सपना सिंह राठौड के मार्गदर्षन में आतंकवाद का डटकर विरोध करने व मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुँचाने वाली, विद्यटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ दिलवाई गई। इसके बाद “आतंकवाद के प्रति जन जागरूकता रैली” के रूप में बीएड छात्राओं ने आतंकवाद का घोर विरोध करने का आमजन को संदेश दिया।

प्रिंसीपल राठौड ने कहा कि दहशतगर्दी देष-दुनिया के लिए गम्भीर समस्या है। भावी पीढी को इससे निजात दिलाने के लिए सभी धर्म, जाति, वर्ग एवं विष्व समुदाय के लोगों को एकजुट होकर, मोहब्बत, भाईचारा और बातचीत से इस विष्वव्यापी समस्या का हल निकालना होगा। विष्व आज ग्लोबल विलेज बन गया हैं। हमें उन हिंसावादी ताकतों का जड़ से उन्मूलन करना होगा, जो देष की तरक्की, राष्ट्रीय एकता, अखण्डता एवं शान्ति को बरकरार रखने में रूकावट बन रहे है।

सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि चाहे ग्यारह सितम्बर अमेरिका वल्र्ड ट्रेड़ सेन्टर हमला हो, या भारत में समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट, हैदाराबाद, मुम्बई, मालेगांव, अजमेर या जयपुर ब्लास्ट आदि सभी हमलों में इन्सानियत का कत्ल हुआ। हमें इन्सानियत को जिंदा रखने के लिए इन हमलों की भत्र्सना और हमले के गुनाहगारों के प्रति कठोर कार्रवाई की मांग करनी होगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देष्य देष और दुनिया के लोगों में आतंकवाद विरोधी मुहिम के प्रति जागृति फैलानी हैं। प्रवक्ता अनवर हुसैन अब्बासी ने बताया कि संकल्प समारोह में तबस्सुम, दीपिका, अस्मा, आशा, जुबैदा, पूजा, ममता, हेमलता, ऐश्वर्या, नर्सिंग, रईसा, विमला, डोली, गीता, समानी सहित कई बीएड छात्राध्यापिकओं ने शिर्कत की। अंत में देष में अम्नोचैन और खुशहाली की दुआ की गई।