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योग की ब्रिथिंग टेक्निक से रोजेदारों को मिलती है ताजगी - खान

June 10, 2017

विश्व प्रसिद्ध योग गुरू नईम खान ने किया ‘रोजे मंे योगा‘ का अनूठा प्रयोग

दुनिया के कई देशों में योग एवं अध्यात्म के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा चुके विश्व प्रसिद्ध योग गुरू नईम खान ने अनूठा प्रयोग करते हुए जोधपुर के रोज़ेदारों को ब्रिथींग योगा करवाया।

‘रोजे़ में योगा‘ का ये प्रेरणादायी कार्यक्रम जोधपुर की मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के परिसर में सम्पन्न हुआ। योग गुरू नईम खान ने कहा कि योग की विभिन्न कलाओं में से एक ब्रिथिंग टेक्निक (श्वास) एक ऐसी कला है जिसकी विधाओं से रोजदार अपनी दिन भर की थकान से निजात पाकर, खुद को ताजगी भरा और ऊर्जावान पाता है।

संगीत से जुड़े जोधपुर के एक मुस्लिम परिवार के शिक्षाविद् निजामुद्दीन खान के बेटे नईम खान बताते है कि योग एक तकनीक है एक ध्यान है जिसके जरिये इंसान तनावमुक्त होकर, स्वंय को स्वस्थ महसूस करता है। नईम खान ने ब्रिथिंग टेक्निक के जरिये प्राणायाम सहित योग के कई आयामों की जानकारी दी।

इस मौके पर मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेषनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि इस्लाम के सूफीमत के नज़दीक मुराक़बा भी एक ऐसी ही कला है जिसमें तल्लीन होकर, इंसान, खुद को खुदा के नज़दीक पाता हैं। योग में इसी विद्या को ध्यान कहा जाता है। साथ ही नमाज भी एक ऐसी इबादत है जिसके जरिये आदमी योग की विभिन्न क्रियाओं को अपनी नमाज के दौरान करता है जिससे उसको इबादत और कसरत दोनो का फायदा मिलता है। 

उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से आज योग व ध्यान को एक खास मज़हब से जोड़कर देखा जा रहा है जिससे कई सम्प्रदायों में दूरियां पैदा हो रही है जबकि योग, ध्यान व रोजा मनुष्य के लिए हर तरह से फायदेमन्द है।

गुरू करूणाकरजी के शागिर्द नईम खान ने शुरू में बीमारी से सही होने के योग सीखें और धीरे धीरे उन्होंने न सिर्फ भारत बल्कि स्विट्जरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, इटली, सऊदी अरब, दुबई, मलेशिया, सिंगापुर में अपनी योग की सेवांए दी। नईम खान भारतीय फिल्म संगीत, राजनीति, व्यापारी, सामान्य नागरिक, जेल सहित कई क्षेत्रों में योग की कक्षाएं ले चुके है। वर्तमान में वे मेहरानगढ के जसवन्त थडे़ पे योग की कक्षाएं लेते है।

‘रोजे में योगा‘ के इस समारोह में सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शब्बीर अहमद खिलजी, सदस्य एड़वाकेट रिडमल खां मेहर, रऊफ अंसारी, फिरोज अहमद काजी, मोहम्मद अमीन, प्रोफेसर जुगनू खान मेहर, मोहम्मद सदिक फारूकी, पीटीआई मेहबूब खान, अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास संचालिका आयशा आलम, अल्पसंख्यक बालक छात्रावास वार्डन बरकतुल्लाह खान, मौलाना आजाद यूनिविर्सटी के पीजी डिप्लोमी इन योगा पाठ्यक्रम के स्टूडेन्ट्स, अल्पसंख्यक बालक-बालिका छात्रावास के विद्यार्थिगण सहित शहर भर के कई रोजेदार एवं योग प्रेमियों ने शिर्कत की।