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शिक्षा से ही मज़बूत होगीं महिलाएं - डॉ. अवस्थी

May 01, 2014

“महिला सशक्तीकरण में शिक्षा की भूमिका” विषयक सेमीनार का हुआ आयोजन

पढ़ना और पढ़ाना शिक्षक का शौक होना चाहिए। इंसान का घमण्ड़ खत्म हो जाए ये ही शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य हैं। महिलाएं मातृशक्ति का रूप हैं। उनमे पुरूष की तुलना में घमण्ड कम होता हैं वे जीवन में ज्यादा सामंजस्य करती हैं। उनमें नम्रता, स्नेह, भावना, भावुकता परमात्मा की तरफ से अपार होती हैं।

ये कहना हैं जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के कला, सामाजिक विज्ञान एवं शिक्षा संकाय के डीन डॉ. नरेन्द्र अवस्थी का। जो कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आज़ाद मुस्लिम महिला टीचर्स ट्रैनिंग कॉलेज में गुरूवार को आयोजित “महिला सशक्तीकरण में शिक्षा की भूमिका” विषयक सेमीनार में बतौर मुख्य आतिथि बोल रहे थे।

दर्शनशास्त्र एवं संस्कृत के ज्ञाता और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कई देशों में शैक्षिक यात्रा कर चुके डॉ. अवस्थी ने कहा कि जो शिक्षक हैं वो झुकना जानता हैं अतः अपने गुरू से झुककर, नम्रमापूर्वक मिलें। महिला में सशक्तिकरण तब ही आयेगा, जब वह शिक्षित होगी और शिक्षा का नम्र और आसान होना ही उनकी मज़बूती के लिए जरूरी हैं। उन्होंने शिक्षा और विद्या के गहरे अन्तर को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षित होने से सशक्तिकरण, आर्थिक और पारिवारिक सुदृढता बढेगी लेकिन विद्या रूपी ज्ञान होने से स्वंय की इश्वरीय आस्था, बच्चों के संस्कार और दुनिया में आपका सम्मान बढ़ेगा। शिक्षा और विद्या समान रूप से समानान्तर चलने चाहिए। 21वीं सदी महिलाओं की सदी है, खुद को पहचानें, असम्भव कुछ नहीं हैं, मै का विस्तार करेें, सभी भेद मिटाकर, “हम सब एक हैं” की बात कहें।

मौलाना आज़ाद मुस्लिम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की प्रिन्सीपल डॉ. शोभा गुप्ता ने बीएड़ प्रशिक्षणार्थियों को डॉ. नरेन्द्र अवस्थी का परिचय देते हुए कहा कि उन्हें भी डॉ अवस्थी की तरह सुनिश्चित, सफल नेतृत्व के लिए कड़ी मेहनत और ईमानदारी से अपने क्षेत्र में रचनात्मक कार्य करने होगें। महिला बीएड़ प्राचार्या माधुरी दत्ता ने कहा कि एक शिक्षक को बच्चों के इच्छाअनुरूप, शिक्षा प्रदान करने के नये रोचक तरीके खोजने चाहिए। पूर्व में मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने मुख्य अतिथि का माला, साफा एवं पुष्पों से अभिनन्दन कर, मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. सपना राठौड, व्याख्याता सलीम अहमद, डॉ. सुनीता संागवान, रामप्रकाश जाखड़, तनवीर अहमद काजी, संध्या शुक्ला, गीता शर्मा, डॉ. श्वेता अरोड़ा, डॉ. प्रमीला गहलोत, डॉ. समीना, तनुषी माथुर, ममता सिंह, फरीदा गौरी, मोहम्मद सादिक सहित समस्त बीएड़ व्याख्यातागण एवं बीएड़ प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे। मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ओपी बोहरा ने आभार ज्ञापित किया। संचालन मोहम्मद इकबाल चुंदड़ीगर ने किया। प्रारम्भ में तिलावते कुरान और अंत में प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कार्यक्रम हुआ।