दो दिवसीय ‘साहिर लुधियानवी - कुछ यादें, कुछ बातें‘ विषयक
कुल हिन्द सेमीनार (अखिल भारतीय सेमीनार) में दिखा, उर्दू, संस्कृत व हिन्दी भाषा का संगम
कोई भी भाषा हो या जुबान वो इबादत तो खुदा की ही करती है कोई रात की चांदनी में उसकी इबादत करता है तो कोई सुबह के सूरज में उसक तेज को ग्रहण करता है। ईष्वर सत्य है और सत्य को ही लेखक लिखता है।
ये कहना है, राजस्थान संस्कृत अकादमी की अध्यक्षा डाॅ जया दवे का, वे बतौर मुख्य अतिथि, राजस्थानी उर्दू अकादमी, जयपुर की ओर से सरदारपुरा स्थित होटल प्रतीक में आयोजित ‘प्रसिद्ध शायर व गीतकार ‘साहिर लुधियानवी - कुछ यादें, कुछ बातें‘ विषय पर आयोजित हो रहे दो दिवसीय कुल हिन्द सेमीनार (अखिल भारतीय सेमीनार) में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने अपने पिताजी के संस्मरण को याद करते हुए कहा कि महान शायर गालिब से प्रेरित होकर गालिब की रचनाओं को उनके पिताजी ने संस्कृत में अनुवाद कराया। जो बहुत प्रसिद्ध हुई। उन्होंने अपनी बात के सन्दर्भ में एक शेर पढा ‘उसूल गलिस्ता से जो वाकिफ नहंीं उसके हाथों चमन का निजाम आ गया‘ जिसे खूब दाद मिली।
मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि साहिर ने अपनी शायरी में उन विषयों को चुना जिन पर आसानी से बात नहीं होती। जिस प्रकार कहानी में शहादत हसन मंटो ने नाम कमाया उसी तरह शायरी में साहिर प्रसिद्ध हुये। उन्होंने साहिर द्वारा औरत के अधिकार और अस्तित्व पर लिखी गई शायरी से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने कहा ज़बानों (भाषाओं) का कोई मज़हब (धर्म) नहीं होता लेकिन हर मज़़हब की ज़बान होती हैं।
राष्ट्रीयस्तरीय उर्दू शायर लोकेश कुमार सिंह, शायरा मलका नसीम ने साहिर लुधियानवी पर खूबसुरत नज्म पढ़ी। उर्दू साहित्य अकादमी दिल्ली के कन्वीनर चन्द्रभान ‘ख्याल‘, साहिर लुधियानवी के जीवन से प्रभावित अपने अनुभव को साझा किये। सेमीनार के कन्वीनर लाल मोहम्मद मुवालजन ने सेमीनार का उद्देश्य बताया। जोधपुर के मशहूर शायर शीन काफ निज़ाम ने भी साहिर के जीवन के कई अनछुये पहलुओं पर गहरी रोशनी डाली।
राजस्थान उर्दू अकादमी जयपुर के चैयरमेन अशरफ अली खिलजी ने कहा कि राज्य सरकार उर्दू के बढावे के लिए कई प्रकार के कार्य कर रही है। उसी कड़ी राजस्थान उर्दू अकादमी जयपुर का यह प्रयास है। भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के ऐसे कई और भी आयोजन होंगें। सेमीनार के पूर्व में मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के ओर से बुझावड गांव स्थित मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी सभागर में देश भर से पधारें इन उर्दू जानकारों व शख्सियतों का नागरिक अभिनन्दन भी किया गया।
सेमीनार में प्रोफेसर अली अहमद फातमी, (इलाहाबाद), प्रोफेसर सीमा सगीर (अलीगढ), प्रोफेसर सफ़दर इमाम क़ादरी (पटना), प्रोफ़़ेसर अनवर ज़हीर अंसारी (बड़ौदा), डाॅ. खालिद अशरफ (दिल्ली), डाॅ. हुसैन रज़ा खान (जयपुर), डाॅ सरवतउन्निसा खान (उदयपुर), डाॅ. नगमा परवीन (कानपुर), डाॅ शबनम खान (जयपुर), ग़ज़ाल जै़ग़म (लखनऊ), मोहम्मद अमीर खान पठान, राजस्थान वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमेन शौकत अंसारी, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सेासायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक, काजी वाहिद अली सहित जोधपुर के उर्दू, संस्कृत व हिन्दी के कई शायर मौजूद थे।
इस मौके पर साहिर लुधियानवी के जीवन से सम्बन्धित एक डाॅक्यूमेन्ट्री दिखाई गई। जिसमें मषहूर गीतकार जावेद अख्तर ने साहिर के बारें में विस्तार से बताया। रविवार को प्रात 9.30 बजे से इन राष्ट्रीय स्तरीय उर्दू जानकारों का साहिर लुधियानवी के जीवन पर पत्रवाचन सहित कई सेषन होंगे और सांय 4.30 इस सेमीनार का समापन समारोह होगा। जिसमें जेडीए चेयरमेन महेन्द्र सिंह राठौड अध्यक्षता करेंगे व विशिष्ठ अतिथि बाड़मेर के समाजसेवी तनसिंह चैहान होंगे।
संचालन राजस्थान उर्दू अकादमी के सचिव मोअज्ज़म अली ने किया। धन्यवाद अलीगढ के प्रोफे़सर सग़ीर इफ़राही ने दिया।