मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी बुझावड में आयोजित दो दिवसीय किसान वैज्ञानिकों के राष्ट्रीय मंथन का हुआ समापन
राजस्थान इन्स्टीट्यूट आॅफ लीडरशिप डवलपमेन्ट स्किल यूनिवर्सिटी जयपुर के कुलपति डाॅ ललित के. पंवार ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में कृषि व पशुपालन को समर्पित एक अलग सेगमेन्ट (अनुभाग) होगा। जिससे नवाचार व रचनात्मक किसान वैज्ञानिक के कार्य को और प्रगति मिल सकेगी।
वे मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी बुझावड गंगाणा फाटा में आयोजित दो दिवसीय वैज्ञानिक किसानों के राष्ट्रीय मंथन के समापन समारोह में अपना अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे।
उन्होंने सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक का उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्कूल नहीं गये, सिर्फ मदरसे में पढ़े, लेकिन पढाई की अहमियत और दृढ निश्चय के साथ उन्होंने और उनकी पूरी टीम ने दसवीं कक्षा की मौलाना आजाद स्कूल को आज एक यूनिवर्सिटी का रूप दे दिया है। हमें पढाई के साथ-साथ गुणी भी होना चाहिए।
सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि ऐसे आयोजन का मक़सद कृषि क्षेत्र की छुपी राष्ट्रीय प्रतिभाओं को सम्मानित कर, उन्हें युवाओं का आदर्श बनाना है। शीघ्र ही मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई पाठ्यक्रमय से प्रदेश भर के छात्र-छात्राएं लाभांवित हो सकेंगे। उन्होंने इस आयोजन की कामयाबी के लिए कृषि पत्रकारिता के पुरोधा डाॅ. महेन्द्र मधुप एवं ‘मिशन किसान वैज्ञानिक‘ के समन्वयक और कृषि पत्रकार मोईनुद्दीन चिश्ती सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया।
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाॅ. इमरान खान पठान ने कहा कि समापन सत्र में देश के 10 प्रमुख राज्यों से 41 वैज्ञानिक किसान में से गुरमेल सिंह घौंसी, प्रिंस कम्बोज, गंगाराम कीर, झाबरमल पचार, श्रवण बाज्या, सुण्डाराम वर्मा, परमाराम चैधरी, गौपाल मल्हारी भिसे, प्रभपाल सिंह ढिल्लो, जसवीर कौर, गणपत लाल नागर, भंवर सिंह पीलिबंगा, बचुभाई सवजीभाई ठेसिया, कैलाश चैधरी, भगवती देवी, मोटाराम शर्मा, गजानंद अग्रवाल व जोधपुर की विमला सिहाग ने कृषि में अपने नवाचार व उससे हो रहे फायदों के अनुभव साझा किये। ‘मिशन किसान वैज्ञानिक‘ के समन्वयक और कृषि पत्रकार मोईनुद्दीन चिश्ती ने कहा कि अगला दो दिवसीय किसान वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय मंथन हरियाणा में होगा। जिसमें मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी की भी उपस्थिति व सहयोग रहेगा।
इस मौके पर विषिष्ट अतिथि पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर ए.के. गहलोत, स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. छीपा, राजस्थान किसान संघ के संगठन मंत्री कृष्ण मुरारी,
और इण्डियन जर्नलिस्ट्स यूनियन नई दिल्ली के अध्यक्ष के.बी.पण्डित ने भी अपने भाषण में पारम्परिक, आधुनिक व भविष्य की खेती, तकनीक व उसके नये आयामों के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण बातें बताई। कृषि पत्रकारिता के पुरोधा डाॅ. महेन्द्र मधुप ने स्वंय की पुस्तक ‘वैज्ञानिक किसान‘ में छपे सभी किसानों का परिचय साझा किया। समारोह से पूर्व डाॅ. पंवार ने यूनिवर्सिटी का अवलोकन कर उसके पाठ्यक्रम व भवन को भविष्य के विद्यार्थियों के लिए श्रैष्ठ बताया।
महामहिम राष्ट्रपति से तथा अन्य प्रमुख्य अवार्ड से सम्मानित समस्त किसानो ंने अन्त में सामुहिक यादगार तस्वीर के साथ किसान, खेती, डेयरी, पशुपालन व उसके के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से अपनी बेहतर भूमिका निभाने का संकल्प लिया। समारोह में सोसायटी सदस्य, कृषि जानकार, युवा एवं आमजन मौजूद थे। संचालन डाॅ. महेन्द्र मधुप ने किया। धन्यवाद सोसायटी महासचिव मोहम्मद अतीक ने दिया।