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समृद्ध भारत के लिए साम्प्रदायिक सद्भाव जरूरी

May 05, 2014

“साम्प्रदायिक सद्भावना मंच” का हुआ गठन

जोधपुर 05 मई। देश में साम्प्रदायिक सद्भाव बना रहे और सामुदायिक कटूता को दूर करने के उद्देश्य के तहत पिछले दो महीने से चली मुहिम को “साम्प्रदायिक सद्भावना मंच” के नाम से संगठित रूप दिया गया। ये घोषणा आर्य प्रतिनिधि सभा समिति एवं मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में मकराना मोहल्ला स्थित, लार्ड़ गणेशा गेस्ट हाऊस के परिसर में सामाजिक, धार्मिक एवं अमन समितियों की पांचवी सर्वधर्म सद्भावना संगोष्ठी, में आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान रामसिंह आर्य ने की।

इस संगठन ने अपना प्राथमिक लक्ष्य भारतीय संविधान के अनुरूप, साम्प्रदायिक सौहार्द पर आधारित, आधुनिक, शान्तिमय एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करना बताया। रामसिंह आर्य ने आगे कहा कि साम्प्रदायिक सद्भाव और सामुदायिक एकता को खंड़ित करने का प्रयास कर रहे तत्वों को रोकने के लिए, सभी थाना क्षेत्रों में बनी शान्ति समितियों के सहयोग से प्रभावी प्रयास किया जायेगा। आदर्श मुस्लिम के सम्पादक सलीम खिलजी ने कहा कि देश को कमजोर करने में लगी ताकतों की पहचान करके, देश के नागरिकों, खासकर युवा वर्ग को, उनकी चुटिल चालों में फंसने से रोकना आज की सबसे बड़ी जरूरत हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी धर्म से जुड़े धर्मचार्यो को धर्म का सही अर्थ समझाने की जरूरत हैं। 1857 से 1947 की घटनाओं का विवेचन कर, उन कारणो का विश्लेषण किया गया। जिनकी वजह से तनाव की घटनाएं पैदा हुई और जो आज तक जारी हैं। 

भंवरलाल आर्य ने कहा कि साम्प्रदायिक एवं जातीय हिंसा को रोकने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाने की आवश्यकता हैं। क्योंकि इससे देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ती हैं और भारतीय रूपये का अवमूल्यन होता है। सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि हर नागरिक अपने धर्म का पूरी निष्ठा से पालन करें लेकिन अन्य धर्मावलम्बियों व्यक्तियों की धार्मिक भावना को ठेस पहंुचाने का कार्य न करें। शब्बीर अहमद खिलजी ने कहा कि पिछली बैठक में जो दायित्व चयनित पांच सदस्यों को सौंपा गया था उसकी अनुपालना में संगठन के उद्देश्यों का ये प्रारूप आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया हैं आपके सुझाव के द्वारा इस प्रारूप को और उपयोगी व प्रभावशाली बनाया जायेगा। डॉ. अजय त्रिवेदी ने कहा कि इस कार्य में सभी राजनैतिक दलों से जुड़े देशहित के लिए चिंतित पदाधिकारियों को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाए और उनकी सेवाएं ली जाए। आजम जोधपुरी ने कहा कि इसके लिए मोहल्लों में जनसम्पर्क अभियान चलाया जाए। पार्षद शेर मोहम्मद ने कहा कि इसके लिए सभी 65 वार्ड़ो में कमेटियां गठित की जाए। चतराराम देशबन्धु ने कहा कि सद्भाव के लक्ष्य के लिए विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच की दूरियां कम की जाए। समाजसेवी न्याज मोहम्मद ने कहा कि बच्चों को सभी धर्माे के ज्ञान के लिए सर्व धर्म ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं।

इस अवसर पर सरदार कुर्बान सिंह, भंवरलाल हटवाल, पूर्व पाषर्द जाफरान, संजू व्यास, डॉ. आदम सिसोदिया, रोशनलाल आर्य, डॉ. धनपत गुर्जर, विनोद आर्य, अब्दुर्रहमान खिलजी, प्रकाश आर्य, सोहनपाल, एड़वोकेट जतन सिंह भाटी, साजिद खान, अशोक आर्य, सलीम खान अब्बासी, पप्पु भाटी, सुखदेव आर्य, रामसिंह, विनोद, हरिसिंह, यादव कुमार सोनी, ईस्माईल कुरैशी, मदन सिंह, प्रमोद लोहरा, फिरोज अहमद काजी, ओमजी बारवाचा, मनीष लोढा, सहित समस्त समुदायों के सदस्य एवं शहर के प्रबुद्धजनों ने अपने विचार व्यक्त किये एवं संगठन के उद्देश्यों के प्रति सहमति जाहिर की। कार्यक्रम के अंत में हाल ही में असम दंगो में मारे गये नागरिकों की आत्मा की शान्ति के लिए एक मिनट का मौन धारण कर, उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा ऐसी धिनौनी घटना की भृतसना, इसकी पुनरार्वती नहीं होने की प्रार्थना की। अगली छठी संगोष्ठी पांच बत्ती चौराहा, रातानाड़ा स्थित, नेहरू कॉलोनी के सामुदायिक भवन में रविवार 25 मई को प्रातः ग्यारह बजे, आयोजित की जायेगी। धन्यवाद मोहम्मद अतीक एवं संचालन रामसिंह आर्य ने किया।