मज़हब कोई भी हो अपने रब को हमेशा याद रखिए - शेख अशरफ आफन्दी
दुनिया भर में सूफीवाद का संदेश प्रचारित करने के क्रम में
जर्मनी बर्लिन के सूफीसंत शेख अशरफ आफन्दी के आतिथ्य में हुआ एक दिवसीय सेमीनार
आपका मजहब कोई भी हो लेकिन आपको अपने रब को नहीं भूलना चाहिये और हर काम की शुरूआत उसके नाम से अथवा अरबी शब्द बिस्मिल्लाह हिर्रहमानिर्रहीम से करनी चाहिये। इसी में खैर (भलाई) भी है और बरकत (फायदा) भी। ये कहना है जर्मनी बर्लिन के सूफी सिनेटर रब्बानिया के तुर्की वंशज के आध्यात्मिक गुरू और नक़्शबंदिया सिलसिले के मुर्शिद (पथप्रदर्शक) हजरत शेख अशरफ आफन्दी का।
वे अपने 12 अनुयायियों के साथ जोधपुर के बुझावड़ स्थित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के अवलोकन तथा मारवाड मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के मौलाना आज़़ाद सभागार में सूफीवाद संदेश पर आयोजित सेमीनार में अपना उद्बोधन दे रहे थे। शेख आफन्दी ने सेमीनार में विद्यार्थियों, व्याख्यातागण, अभिभावक व आमजन को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें खुदा से इबादत (पूजा) और उसके बन्दों से खिदमत (सेवा) का सम्पर्क बनाये रखना चाहिये। उन्होंने कहा कि मैं खुदा से दुआ करता हूँ कि वो आपके दिल व दिमाग़ और व्यक्तित्व को अपनी खुदाई की रोशनी से और उज्जवल कर दें। अन्त में उन्होंने विश्व में शान्ति व विभिन्न धर्मो के लोगों में आपस में मोहब्बत कायम होने की दुआ की।
सेमीनार की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान व मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने कहा कि हिन्दुस्तान में समस्त प्रसिद्ध सूफी वंशज मौजूद हैं और हिन्दुस्तान एक तरह से इस्लामी सूफीवाद की राजधानी है। उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि सूफीवाद, शरीअत और तरीक़त का स्वभाव है और अह्म व घमण्ड का घोर विरोधी है क्योंकि यह इन्सान को इन्सान नहीं रहने देते बल्कि उन्हें शैतान बना देते हैं। नक़शबन्दिया वंशज की विशेषता पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि हज़रत बाक़ी बिल्लाह साहब, इमाम रब्बानी, मुजद्दिद अल्फे सानी, मिर्ज़ा मज़हरजान जानां, शाहवली अल्लाह और शाह गुलाम अली हिन्दुस्तान में इसके रोशन सितारे हैं।
सेमीनार के अन्त में सोसायटी के कोषाध्यक्ष मोहम्मद अतीक़ ने कहा की हम आप और आपके साथियों का धन्यवाद करते हैं। आपने जो रूहानी संदेश दिया है हम और हमारे विद्यार्थी उस पर चलने की भरपूर कोशिश करेंगे। प्रतिनिधिमंडल के संयोजक नवाब खान ने कहा कि शेख अशरफ इफेन्दी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूफी वे आॅफ पीस मिशन पर इन भारत दौरे पर है। ये प्रतिनिमंडल अपने 11 सदस्यगणों के साथ दिल्ली, श्रीनगर, कश्मीर, जयपुर, अजमेर, नागौर, जोधपुर व मुम्बई मेें सूफीवाद का संदेश देगें। इसी कड़ी में राजस्थान के चार दिवसीय दौरे के अन्तिम दिन जोधपुर में ये आयोजन रखा गया।
सेमीनार में मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी, जोधपुर के अध्यक्ष हाजी अबादुल्लाह कुरैशी, महासचिव निसार अहमद खिलजी, कोषाध्यक्ष मोहम्मद अतीक़, सदस्य ज़की अहमद, हनीफ लोहानी, रमजान जमजम, हाजी इस्हाक, नजीर खां, फिरोज़ अहमद क़ाज़ी, खालिद कुरैशी, अनवर अली खान, सलीम खिलजी, हमीम बक्ष, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाॅ. इमरान खान पठान, फाॅरएवर संस्थान के संस्थापक लियाकत वारसी सहित अन्य प्रबुद्धजनों ने अतिथियों का स्वागत किया और विशिष्ट अतिथियों ने मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी जोधपुर की स्थापना की सराहना और उसकी निर्माणाधीन भवन व यूनिवर्सिटी की शिक्षा पदति को खूब सराहा।
इसके बाद जर्मनी के इस प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर में स्थित मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी की ओर से चलाये जा रही समस्त संस्थाओं का दौरा किया। जोधपुर में आने से पहले प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर शरीफ, नागौर शरीफ दरगाह भी गये और दोपहर में इस प्रतिनिधिमंडल ने मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के समस्त पदाधिकारियों के साथ जोधपुर के चैखा स्थित मुफ्ती आज़म राजस्थान अशफाक हुसैन नईम रहमतुल्लाह अलैह के मज़ार पर हाज़री दी और फातेहा पढ़ी।