गर्भकालीन मधुमेह विषय पर हुआ व्याख्यान
लंदन की जानी मानी चिकित्सक डाॅ शकुंतला कल्ला ने दिया व्याख्यान
जोधपुर 15 नवम्बर। मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित गंगाणा फाटा, बुझावड़ गांव स्थित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के डिपार्टमेन्ट आॅफ पब्लिक हैल्थ में विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की श्रृंखला में ‘गर्भकालीन मधुमेह‘ विषय पर गरूवार को कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आज़ाद सभागार में व्याख्यान का आयोजन हुआ।
डिपार्टमेन्ट की विभागाध्यक्ष डाॅ भावना सती ने बताया कि जनस्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी संस्था जेएसपीच के सहयोग से आयोजित हुए इस व्याख्यान में लंदन की जानी मानी चिकित्सक डाॅ शकुंतला कल्ला मुख्य वक्ता थी।
डाॅ शकुंतला कल्ला ने अपने उद्बोधन में बताया कि मधुमेह के कई प्रकारों में से गर्भावधि व गर्भकालीन मधुमेह भी एक प्रकार का मधुमेह है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली यह समस्या घातक भी हो सकती है। मधुमेह (डायबिटीज) एक गम्भीर बीमारी है और अगर यही डायबिटीज गर्भवती महिला को हो जाए, तब खतरा और बढ जाता है। क्योकि इसका असर होने वाले शिशु पर भी पड़ता है। मगर समय रहते सही उपचार उपलब्ध कराने पर जच्चा बच्चा को इसके दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है।
कई बार महिलाएं प्रेगनेंसी से पहले ही डायबिटीज का शिकार होती है और कई बार गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज की चपेट में आती हैं। दोनो ही स्थितियों में डायबिटीज गर्भवती महिला के साथ-साथ उसके गर्भस्थ शिशु को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि शहरों व विकसित देशों में मधुमेह बीमारी के उपचार के नियम बने है जिससे सही व त्वरित उपचार होता है। उदाहरण के तौर पर इंग्लैण्ड में करीब 35 हजार मधुमेह रोगी है तो भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण करीब 45 लाख मधुमेह रोगी है लेकिन उचित उपचार, व्यायाम, सही खानपान व जागरूकता से डायबिटिज को कम या समाप्त किया जा सकता है।
प्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ अरविन्द माथुर एवं डाॅ अमीता संचेती विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थी। सोसायटी के कोषाध्यक्ष मोहम्मद अतीक ने अतिथियों का स्वागत किया। व्याख्यान में सोसायटी के महासचिव निसार अहमद खिलजी, व्याख्यातागण एवं माई खदिजा इंस्टिट्यूट आॅफ नर्सिंग साइन्सेज, मौलाना आज़ाद इंस्टिट्यूट आॅफ फाॅर्मेसी, व पब्लिक हैल्थ के स्टाॅफ व स्टूडेन्ट उपस्थित थे। संचालन प्रोग्राम डायरेक्ट मोहम्मद अमीन ने किया।