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हिजाब बन्धन नहीं, सुरक्षा का देता है अहसास वल्र्ड हिजाब डे

February 01, 2019
हिजाब बन्धन नहीं, सुरक्षा का देता है अहसास
वल्र्ड हिजाब डे पर विभिन्न प्रकार के हिजाब पहनकर दिया सामाजिक संदेश
हिजाब विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी हुआ आयोजन
 
जोधपुर 01 फरवरी। सम्पूर्ण विश्व में हर साल 1 फरवरी को विश्व हिजाब दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में गंगाणा फाटा, बुझावड़ गांव स्थित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी, जोधपुर में भी शुक्रवार को वल्र्ड हिजाब डे का आयोजन किया गया। 
यूनिवर्सिटी के कला संकाय की हिन्दी की व्याख्याता डाॅ मरजीना ने बताया कि इस अवसर पर छात्राओं ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि दुनिया में कुछ लोग हिजाब को एक बंदिश अथवा बन्धन के तौर पर देखते हैं जबकि हिजाब बालिकाओं में बन्धन नहीं बल्कि सुरक्षा, स्वतंत्रता व अपनेपन का अहसास कराता है।
कई छात्राओं ने हिजाब को निर्मल अहसास, दीनदारी, गहना, मन का साथ, आत्मबल, खुद का महत्व, खुशी, खुद की अलग पहचान, खुबसूरती, शर्म का पर्दा, नेक परवरिश, शान, समय की बचत, लक्ष्य प्राप्ति, बाधाओं को दूर करता, कामयाबी की मंजिल पहुंचाता, दूसरे के महत्व को स्वीकारता, जिन्दगी पर विश्वास, आदि उपमाओं के संदेश के तौर पर पेश किया। 
हिजाब का शाब्दिक अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि हस कर जिन्दगी को बाअदब (संस्कारी) बनाता है हिजाब। साथ ही हिजाब विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में भी गल्र्स ने विभिन्न रंगो व चित्रों के जरिये पोस्टर के माध्यम से एक औरत के स्वरूप व उसकी सोच के कई सामाजिक संदेश पेश किये। 
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डाॅ इमरान खान पठान, कला संकाय के डीन डाॅ इनाम इलाही, एज्यूकेशन विभाग की डीन डाॅ समीना, व्याख्याता डाॅ मरजीना, मुमताज सय्यद, नौशीन खिलजी, खेल सचिव जुगनू खान मेहर सहित समस्त छात्राओं का विशेष सहयोग रहा। संचालन डाॅ अब्दुल्लाह खालिद ने किया।