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कलाम मेरी प्रेरणा

February 15, 2019
‘कलाम मेरी प्रेरणा‘ शीर्षक से जीवन्त हुआ विज्ञान मेला 
विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने बनाये रचनात्मक माॅडल
 
जोधपुर 15 फरवरी। किसी ने एपीजे कलाम, किसी ने कलाम का राॅकेट, किसी ने सौरमण्डल, किसी ने अंतरीक्ष, किसी ने इण्डियन रेल्वे मेप, किसी ने मानव ह्द्य, किसी ने पानी का संचय, पवन चक्की, कम्प्यूटर तो किसी ने अरेबिक, उर्दू, इंग्लिश भाषा व्याकरण से जुड़े चार्ट एवं माॅडल तो किसी ने सूखे मेवे के फायदों की बेहतरीन प्रस्तुती दी। 
मौका था, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित बलदेव नगर, श्रमिकपुरा स्थित मदरसा मोहम्मदिया मिडिल स्कूल में शुक्रवार को आयोजित ‘कलाम मेरी प्रेरणा‘ विषयक ‘विज्ञान प्रदर्शनी‘ का। प्रिन्सीपल मोहम्मद अरशद ने कहा कि कक्षा पहली से पांचवी तक के दो सौ छात्र-छात्राओं ने विज्ञान की दुनिया को समझने के लिए, देश के ग्यारवें राष्ट्रपति एवं मिसाइल मेन के नाम से मशहूर एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए ‘कलाम मेरी प्रेरणा‘ शीर्षक से भविष्य के सपने को संजोते हुए कई रचनात्मक, सामाजिक एवं कल्याणकारी, चार्ट्स, माॅड्ल्स एवं उत्पादों का निर्माण किया। विज्ञान मेले में आयोजित शैक्षिक व सह शैक्षिक गतिविधियों का उद्देश्य छात्र-छात्राओं का बौद्धिक कौशल का विकास करना है। 
प्रदर्शनी में सोसायटी के महासचिव निसार अहमद खिलजी, व कोषाध्यक्ष मोहम्मद अतीक ने बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों की हौसलाअफजाई करते हुए उन्हें नन्हें वैज्ञानिक की उपमा दी। मौलाना अबुल कलाम आज़ाद मुस्लिम सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के प्रिन्सीपल इंतिखाब आलम व शिक्षाविद् फकीर मोहम्मद, पीटीआई रिजवान अहमद ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिर्कत की। प्रदर्शनी में कक्षा पांच के विद्यार्थी रेहान-जोया के हिन्दी व्याकरण की क्रिया माॅडल की प्रस्तुती को प्रथम स्थान, कक्षा तृतीय की नौरीन द्वारा बनाये गये अंगेजी भाषा के प्रोनाऊन को दूसरा स्थान व कक्षा पांच की शाहीना के बनाये पानी पीने की सुन्नते के इस्लामिक माॅडल को तीसरा स्थान मिला। 
समाजसेवी अमीन खिलजी, जब्बार तुंवर, सलीम खिलजी, इरशाद भाई, शाकिर खिलजी एवं अभिभावकगणों ने विज्ञान मेले की सराहना की।  प्रदर्शनी में विज्ञान, सामाजिक, इस्लामिक एवं इतिहास आधारित माॅड्ल्स बनवाने में शिक्षक सबीना, हुमैरा, मशरूम, सीमा, एकता, फातिमा, समेरा, शाहिस्ता, मेहजबीन, मौलाना अय्यूब, मौलाना अनवर ज़हीर, आरजू नेकपरवीन, शाहीदा, रहनूमा सहित समस्त शिक्षकगणों का विशेष सहयोग रहा।