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दक्षिण एश्यि में सूफीवाद की राजधानी अजमेर है - पद्मश्री प्रोफेसर वासे

March 10, 2019
ख़्वाज़ा के 807वें उर्स पर अजमेर में
मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी की ओर से चढ़ी चादर
दक्षिण एश्यि में सूफीवाद की राजधानी अजमेर है - पद्मश्री प्रोफेसर वासे 
 
जोधपुर 10 मार्च। सुल्तानुल हिन्द, हिन्दल वली और ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के नाम से पूरी दुनिया में मषहूर, अजमेर के मुईनुद्दीन चिष्ती के 807वें उर्स मुबारक के मौके पर, राजस्थान की पहली माइनोरिटी यूनिवर्सिटी मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर की ओर से ख़्वाज़ा के मज़ार पर चादर शरीफ पेश की गई। 
मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेषनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी जोधपुर के अधीन संचालित मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के प्रेसिडेन्ट पद्मश्री अख्तरूल वासे की अध्यक्षता में वरिष्ठ सदस्य हनीफ लोहानी, सोसायटी कार्यालय अधीक्षक मोहम्मद सादिक़ फारूक़ी, डॉ जीशान, जगनू खान मेहर, परवेज अहमद, अनवर हुसैन अब्बासी सहित सभी लोगों ने ख़्वाजा के दरबार में हाजरी पेषकर, यूनिवर्सिटी की तरक्की, कामयाबी, इसमें पढने वाले सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य तथा मुल्क की खुषहाली के लिए दुआ की।  
इस मौके पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासे ने कहा कि दक्षिण एशिया में सूफीमत की राजधानी अजमेर है और अजमेर की दरगाह में सभी धर्मो, समुदाय, पंथों के लोगों की एकमत राय और आस्था है कि यहां लोगों की दुआएं, ख्वाजा के वसीले से अल्लाह कुबूल करता है और ये दरगाह पुरी दुनिया में कौमी एकता, भाईचारा, सद्भाव और आपसी प्रेम का संदेश देती है। ये ही सूफीमत का पैगाम भी है।