महिलाएं शौक को हुनर में बदलकर, निखारेंगी तकदीर - गोयल
लड़कियां एवं महिलाएं “हॉबी प्रशिक्षण शिविर” में सीख रही हैं रोजगारोन्मुखी कोर्सेज
जोधपुर 18 जून। लड़कियों में अपार प्रतिभा हैं, बस जरूरत हैं थोडी सी हिम्मत के साथ, उन्हें घर से हॉबी प्रशिक्षण शिविर तक लाने की, और उनके शौक से मिलता कोई भी हुनर सीखाने की, ताकि महिलाएं फैशन डिजाइनर, लेडिज टेलर, इन्टिरीयर डिजायनर व महिला उद्यमी बनकर समाज में अपनी पहचान बना सकें।
ये कहना हैं शिविर प्रभारी रीना गोयल का, जो बुधवार को कमला नेहरू नगर स्थित, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड़ वेलफेयर सोसायटी के मौलाना आजाद ऑडिटोरियम मंे चल रहे “ग्रीष्मकालीन महिला हॉबी प्रशिक्षण शिविर में बालिकाओं एवं औरतों को प्रेरणारूपी नये-नये तरीकों से हुनर सीखा रही थी।
सोसायटी के महासचिव मोहम्मद अतीक ने कहा कि शिविर का मकसद, प्रशिक्षण ले रही शहर की विभिन्न बस्तियों की 120 लड़कियों एवं महिलाओं को खुद का रोजगार शुरू करवाकर, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम अधिकारी एजे खान ने बताया कि दो माह के इस ग्रीष्मकालीन शिविर मे मेहन्दी, कशीदाकारी, पेन्टिग, सॉफ्टटॉयज मैकिंग, पेपरमेसी, पेच वर्क, फ्लोवर मैकिंग, लमासा, लापान वर्क, पौट मैकिंग, फोटो फ्रेम, शीशा फ्रेम, रंगोली, डोरी वर्क मे झूला, कुशन, फाउन्टेन, डेकोरेटिव आईटम आदि हॉबी कोर्सेज का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।
लेडि़ज टेलर प्रभारी मदीना बानो ने कहा कि लड़कियों को बड़ी बारीकी से कांच, बटन, तुरपई, इन्टरलॉक, पीकू के सहयोग से सलवार सूट, पटियाला, धोती व अफगानी सूट, चूड़ीदार, एरम, ब्लाउज, लहंगा कुर्ती, अनारकली एम्ब्रेला, पेटीकोट सहित लेडिज टेलरिंग की कई विधाएं सीख रही है। शिविर में सह प्रभारी विजयश्री माथुर, जाहिदा परवीन, बुशरा व गीता विशेष सहयोग दे रही है। शिविर का समापन अटठ्ाइस जून शनिवार को प्रातः ग्यारह बजे, किया जायेगा।